आईआईएम रोड पर ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना के बाद जांच करते अधिकारी
- फोटो : amar ujala
अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि रविवार को दिनदहाड़े हाइवे पर एसयूवी सवार लिफ्ट ठेकेदार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते भाग निकले। मामला लखनऊ के आईआईएम रोड का है। गनीमत यह है कि गाड़ी पर तीन गोलियां लगीं, ठेकेदार व चालक बाल-बाल बच गए।
ठेकेदार ने लेनदेन की रंजिश में हमले का आरोप लगाते हुए दर्ज कराई प्राथमिकी में तीन लोगों को नामजद किया है। पुलिस ने एसयूवी कब्जे में लेकर छानबीन की और मामला संदिग्ध बताया है। काकोरी के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि ठाकुरगंज के बालागंज के मोहल्ला रामनगर निवासी लिफ्ट ठेकेदार मो. इमरान ने सुशील कुमार, प्रतापगढ़ के रहने वाले लालजी, भैयाराम और उनके साथियों पर कातिलाना हमले का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
इमरान का कहना है कि वह रविवार दोपहर 3:30 बजे आईआईएम रोड स्थित एल्डिको सिटी में अपने प्लॉट से होकर घर लौट रहे थे। रास्ते में घैला पुल से कुछ दूरी पर मंसूरनगर पावरहाउस के पास बाइक सवार एक नकाबपोश ने उनकी गाड़ी रुकवाई।
चालक की तरफ शीशे में लगी एक गोली
गाड़ी पर लगी गोली का निशान
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इस बीच दो अन्य मोटरसाइकिलों से चार अन्य नकाबपोश हमलावर आ धमके। हमलावरों को असलहे निकालते देख चालक धीरज सिंह ने एसयूवी भगाई। इस पर हमलवारों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक गोली चालक की तरफ शीशे में लगी, जबकि दो गोलियों ने साइड का शीशा छेद डाला।
धीरज ने तेजरफ्तार से गाड़ी दौड़ाई और हमलावरों से काफी दूर जाकर ब्रेक लगाया। इस बीच मो. इमरान ने पुलिस कंट्रोल रूम फोन करके हमले की सूचना दे दी।काकोरी के अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक अखिलेश चंद्र यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
इस बीच पीआरवी की टीम पहुंच चुकी थी। पुलिस ने मो. इमरान द्वारा बताए हमले के स्थान से लेकर गाड़ी खड़ी होने तक गहन छानबीन की। कातिलाना हमले का कोई प्रत्यक्षदर्शी या खोखा न मिलने पर गाड़ी खंगाली गई। इसमें दो-तीन बुलेट मिले।
गाड़ी को फोरेंसिक जांच के लिए कब्जे में लिया
जांच करते अधिकारी
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चालक की साइड के शीशे पर बने फायर के निशान की दिशा के आधार पर पिछली सीट पर बुलेट तलाशी गई, लेकिन कोई निशान नहीं मिला। मामला संदिग्ध नजर आने पर अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक ने उच्चाधिकारियों से संपर्क किया।
इसके बाद गाड़ी को फोरेंसिक जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है। ठेकेदार इमरान का कहना है कि प्रतापगढ़ निवासी लालजी और भैयाराम से उनका लेनदेन का विवाद है। इसी रंजिश के चलते उनके द्वारा हमला कराने की बात कही।
बताया कि सीतापुर के तंबौर निवासी धीरज सिंह सात महीने से उनकी गाड़ी चला रहा है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज व अन्य तरीकों से गहन छानबीन कराई जाएगी।