लखनऊ के कैसरबाग स्थित मध्यांचल विद्युत वितरण निगम (एमवीवीएनल) के कस्टमर केयर में कार्यरत संविदाकर्मियों ने शुक्रवार को बिना सूचना नौकरी से निकालने के विरोध में हंगामा किया। इस दौरान पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की में दो महिलाएं घायल हो गईं।
प्रदर्शन कर रहे संविदाकर्मियों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिजली हेल्पलाइन 1912 के लिए कस्टमर केयर पर कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए एक एजेंसी को ठेका दिया था। नियुक्ति के बाद से ही ठेकेदार कर्मचारियों का शोषण कर रहा है।
हालांकि सेंटर की निगरानी दो अधिशासी अभियंता, दो सहायक अभियंता व एक जूनियर इंजीनियर और प्रबंध निदेशक के पास है। इसके बावजूद कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जाता रहा। शुक्रवार को ठेकेदार ने बिना सूचना के ही कर्मचारियों को हटा दिया। इसके विरोध में कर्मचारियों ने हंगामा शुरू किया तो पुलिस ने धक्कामुक्की शुरू कर दी, जिससे दो महिलाएं घायल हो गईं।
संविदा कर्मचारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उम्मीद की किरण जागी थी, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। संविदाकर्मियों ने बताया कि पिछले पांच साल से उनका शोषण किया जा रहा है। हर साल नया टेंडर होता है और नई कंपनी आती है। वेतन बढ़ाना तो दूर, कम कर दिया जाता है और सुविधाएं भी घटा दी जाती हैं। इसलिए टेंडर कंपनी को देने के बजाय सीधे नियुक्ति की जानी चाहिए।
अब 1912 पर कॉल की तो कटेंगे पैसे
हेल्पलाइन की टोल फ्री कॉल की सुविधा शुक्रवार से समाप्त हो रही है। अब उपभोक्ताओं को कॉल करने के डेढ़ रुपये प्रति मिनट के हिसाब से भुगतान करना होगा। इससे उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ेगा।