लखनऊ के वजीरगंज क्षेत्र रविवार देर रात स्वास्थ्य भवन के दूसरे तल पर रहस्यमय परिस्थितियों में आग लग गई। आग वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय और चिकित्सा अनुभाग 4 डी में लगी, इससे जरूरी दस्तावेज व फाइलें राख हो गईं।
करीब दो घंटे की मशक्कत बाद दमकल की 10 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
पुलिस के मुताबिक, रात करीब नौ बजे सुरक्षा गार्ड रवींद्र कुमार ने दूसरे तल पर वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में धुआं और आग की लपटें उठती देखी।
दूसरे गार्डों की मदद से अंदर पहुंचकर रवींद्र कुमार ने फायर सिलेंडर से आग बुझाने की कोशिश की, मगर कामयाब नहीं हुए। इस बीच पास में ही मौजूद चिकित्सा अनुभाग 4 डी के दफ्तर में आग पकड़ ली। दोनों कमरों में रखी फाइलें व दस्तावेज जलने लगे। आग के बीच खुद को घिरता देख सुरक्षा गार्ड नीचे उतर आए।
इसके बाद गार्ड ने फायर कंट्रोल रूम और बिल्डिंग के केयरटेकर आरएस यादव को जानकारी दी। कुछ देर बाद हजरतगंज फायर स्टेशन से दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।
हालात बेकाबू होता देख मौके पर पहुंचे मुख्य अग्निशमन अधिकारी एबी पांडेय ने चौक, बीकेटी, पीजीआई, गाजीपुर फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियों को बुलाया। मौके पर दस गाड़ियां पहुंच गईं। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पा लिया।
कराई जा रही है आग लगने के कारणों की जांच
आग से दोनों विभागों में रखी फाइलें व जरूरी दस्तावेज, एसी, पंखे, फर्नीचर समेत अन्य सामान जलकर नष्ट हो गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया अवकाश होने की वजह से बिल्डिंग में लाइट गुल थी। आग कैसे लगी है मामले की जांच कराई जा रही है।
काम नहीं आए फायर उपकरण
स्वास्थ्य विभाग में हर साल फायर उपकरणों के रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये खर्च करता है। इसके बाद भी फायर उपकरण दुरुस्त नहीं मिले।
आग लगने बाद वहां पर लगे स्मोक सायरन भी नहीं बजे। इससे आग ने भीषण रूप ले लिया। फायरकर्मियों का कहना था फायर फाइटिंग के उपकरण स्वास्थ्य भवन में ठीक होते तो समय रहते ही आग पर काबू पा लिया जाता।
अफसरों ने जताई साजिश की आशंका
आग लगने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग के तमाम अफसर वहां पहुंच गए थे। अफसरों ने बताया रविवार को अवकाश होने से पूरी बिल्डिंग की लाइट मेन स्विच से कटी थी।
इसके बाद भी कमरे में आग का लगना जांच का विषय है। अफसरों ने साजिश के तहत आग लगाए जाने की आशंका जाहिर की है। अफसरों का तर्क था वित्त एवं लेखाधिकारी व अनुभाग 4 डी में कई गोपनीय व घोटालों से संबंधित फाइलें भी थीं।
पानी के लिए दौड़ती रही गाड़ियां
स्वास्थ्य भवन में आग बुझाने में जुटी दमकल की गाड़ियों में पानी खत्म होने बाद वह पानी के लिए इधर-उधर भागती रही। फायर की गाड़ियां कोर्ट परिसर व होटल क्लार्क समेत आस पास जगह पर पानी के लिए दौड़ती रही।
इस दौरान आग और भी बेकाबू हो गई। वहीं फायर अफसरों का कहना था स्वास्थ्य भवन में पानी की समुचित व्यवस्था होती तो आग पर जल्द काबू पाया जा सकता था।
जान जोखिम डालकर डटे रहे दमकलकर्मी
स्वास्थ्य भवन के तीसरे तल पर आग लगने बाद वहां पर अंधेरा छाया हुआ था। दमकलकर्मी जैसे कमरे में दाखिल होकर पानी डालना शुरू किया तो वहां पर तारों में धमाके शुरू हो गए।
इससे वहां पर हड़कंप मच गया। इसके बाद भी दमकलकर्मी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने में जुटे रहे।