कृष्णानगर की एलडीए कॉलोनी में घनी आबादी के बीच बने फर्नीचर कारखाने में शुक्रवार दोपहर आग लग गई। इस दौरान कारीगरों ने पानी फेंककर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए।
इस दौरान चारों तरफ काला धुआं फैल गया था। इससे आसपास के लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
सूचना पर कुछ देर में सरोजनीनगर व पीजीआई फायर स्टेशन की गाड़ियां पहुंचीं और दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। कारखाने में आग से बचाव के इंतजाम नहीं थे।
एलडीए कॉलोनी सेक्टर-डी स्थित मकान में आलमबाग के श्रीनगर निवासी नंदलाल का फर्नीचर कारखाना है। शुक्रवार को मैनेजर केसी त्रिपाठी और छह मजदूर काम कर रहे थे।
दोपहर करीब 2.30 बजे कारखाने से लपटें उठने लगीं। कारीगर और मैनेजर काफी देर तक पानी फेंकते रहे, लेकिन आग गोदाम तक पहुंच गई।
थोड़ी देर में गोदाम में रखा फर्नीचर, वार्निश और पेंट धूं-धूं कर जलने लगा। स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी थी।
एफएसओ सरोजनीनगर के मुताबिक, एहतियातन आसपास के मकान में मौजूद लोगों को बाहर निकलने के लिए कहा गया।
सरोजनीनगर और पीजीआई फायर स्टेशन से पहुंची चार दमकलों ने दो घंटे में लपटों पर काबू पा लिया। फिलहाल हादसे का कारण पता नहीं चल सका है।
कारखाने में आग से बचाव के कोई इंतजाम भी नहीं थे। अग्निशमन विभाग की तरफ से मालिक को नोटिस भेजा जाएगा।
विरोध के बाद भी चल रहा था कारखाना
घनी आबादी में फर्नीचर कारखाने की शिकायत स्थानीय लोगों ने पहले भी की थी, लेकिन नंदलाल ने कारखाना नहीं हटाया। शुक्रवार को हुए हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस अधिकारियों से दोबारा कारखाना हटवाने की मांग की।