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पूर्व विधायक समेत 15 के खिलाफ गैंगरेप की एफआईआर दर्ज, पीड़िता ने किया था आत्महत्या का प्रयास

Fri, 09 Nov 2018 08:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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सीएम आवास के सामने दो बेटियों के साथ महिला के आत्मदाह का प्रयास किए जाने के मामले में आखिरकार पूर्व विधायक गजाधर सिंह, आरबी सिंह, वाणिज्यकर कमिश्नर समेत 15 लोगों के खिलाफ गैंगरेप और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

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एफआईआर में महराजगंज ब्लॉक प्रमुख सत्येंद्र सिंह और उनके जीजा और आरएसएस नेता भानु प्रताप सिंह का नाम भी शामिल है। माना जा रहा है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। केस लिखने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन प्रकरण में कोई आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हो सका है। यहां तक कि पुलिस इस मामले में कुछ बोल भी नहीं रही है। अंदर ही अंदर पुलिस की जांच चल रही है।

गौरतलब है कि शहर की रहने वाली एक महिला ने सोमवार को सीएम आवास के सामने केरोसिन डालकर अपनी दो बेटियों के साथ आत्मदाह करने का प्रयास किया था। उसने भाजपा नेताओं पर बहन व मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म व हत्या का आरोप लगाया था।
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उसका कहना था कि पुलिस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है। लखनऊ में महिला के आत्महत्या का प्रयास करने के बाद मामले में हड़कंप मच गया। लखनऊ में बैठे उच्चाधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया और रिपोर्ट लिखने के निर्देश जारी कर दिए।

पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने छह नवंबर को गैंगरेप और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की एफआईआर दर्ज कर ली। एफआईआर के मुताबिक मामले में डलमऊ के पूर्व विधायक गजाधर सिंह, आरएसएस नेता भानु प्रताप सिंह, महराजगंज ब्लॉक प्रमुख सत्येंद्र सिंह, ब्लॉक प्रमुख सत्येंद्र सिंह के जीजा विनोद सिंह, राकेश सिंह, वाणिज्य कर कमिश्नर सत्येंद्र सिंह गौतम, निखिल सिंह, लाखन सिंह, दिनेश चौधरी, अनामिका, आरबी सिंह, मिंटू सिंह, कांशी सिंह, राजेश्वरी सिंह, नीलम सिंह को नामजद किया गया है।

एफआईआर में यह कहा गया है..

सदर कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआईआर में वादिनी ने कहा है कि दिसंबर 2017 को इंदिरा नगर गई थी। दिनेश चौधरी, राजेश्वरी सिंह ने धोखे से अनामिका सिंह, मामा उदल राज सिंह उत्ताधिकार सुलह के संबंध में बातचीत करने के लिए बुलाया। मैं पहुंची तो वहां डलमऊ के पूर्व विधायक गजाधर सिंह, आरएसएस नेता भानु प्रताप सिंह, महराजगंज ब्लॉक प्रमुख सत्येंद्र सिंह के साथ जीजा विनोद सिंह, राकेश सिंह, वाणिज्य कर कमिश्नर सत्येंद्र सिंह गौतम, निखिल सिंह पूरब नाईन लाखन सिंह बैठे थे। दिनेश चौधरी व अनामिका सिंह ने दरवाजा बंद कर लिया। नामजद सभी आरोपियों ने रेप किया। गजाधर सिंह व भानु प्रताप मेरी हत्या करने जा रहे थे। ये कहा कि जैसे तेरी मां को हमने ही रेप करके जिंदा जलाया था। तेरे बाप व भाई की हत्या भी हमी लोगों ने की। बाद में लाखन सिंह ने मेरा अश्लील वीडियो भी बनाया। अश्लील वीडियो की धमकी देकर कई अन्य नेता आरबी सिंह, मैंटू सिंह ने भी रेप किया।

सत्ता पक्ष के नेताओं के आगे खाकी बेबस

यूपी सरकार की पुलिस भले ही कई मामलों में बेहतर कार्य करके वाहवाही लूटती रही हो, लेकिन रायबरेली की पुलिस एफआईआर दर्ज होने के बावजूद यह कहने को तैयार नहीं है कि पीड़ित महिला के मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। यहां की पुलिस और अफसर एफआईआर दर्ज होने तक की पुष्टि करने तक की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है। यह हाल तब है, जब दिवाली के एक दिन पहले छह नवंबर को ही केस रजिस्टर कर लिया गया। इसे सत्ता दल का खौफ ही कहा जाएगा। इस बारे में अपर पुलिस अधीक्षक शशिशेखर सिंह से केस दर्ज होने के बारे में जानकारी चाही गई तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताई। उधर, सीओ सदर शेषमणि उपाध्याय और कोतवाल अशोक सिंह ने जानकारी देने से साफ इंकार कर दिया और कहा कि इस संबंध में उनको कोई जानकारी नहीं है।
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साजिश के तहत दर्ज कराया गया केस-पूर्व विधायक

पूर्व विधायक गजाधर सिंह ने मोबाइल पर बताया कि यह मामला एक साल पुराना है। उस समय भी महिला ने कोतवाली में तहरीर दी थी। उस तहरीर में दूसरे लोगों के नाम थे, लेकिन एक साल बाद वहीं महिला उनके खिलाफ तहरीर देकर आरोप लगा रही है। जाहिर है कि किसी साजिश के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी।
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