यूपी जल निगम भर्ती घोटाला मामले में सपा नेता आजम खां समेत चार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
दरअसल, 2017 विधानसभा चुनाव के ठीक पहले अखिलेश सरकार के कार्यकाल में जल निगम प्रबंधन द्वारा पिछले साल दिसंबर में आनन-फानन में जल निगम में एई, जेई, आशुलिपिक व नैतिक लिपिक के कुल 1300 पदों भर्ती की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
उस समय सरकार के कद्दावर मंत्री मोहम्मद आजम खां नगर विकास मंत्री होने के साथ ही जल निगम के अध्यक्ष पद पर भी काबिज थे। इसके बावजूद इन पदों पर भर्ती में व्यापक पैमाने पर धांधली होने की शिकायत हुई थी। कुछ अभ्यर्थियों ने इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट के निर्देश पर निगम के ही अधीक्षण अभियंता स्तर के एक अधिकारी से जांच कराई गई थी, जिसमें भर्ती प्रक्रिया में धाधंली की पुष्टि हुई थी। इसके बाद मार्च 2017 में बनी नई सरकार ने भी इस मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी थी।
आजम के अलावा उनके निजी सचिव सैयद अफाक, पूर्व सचिव नगर विकास एसपी सिंह, एमडी पीके अशुदानी और चीफ इंजीनियर अनिल कुमार खरे के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।