सुशांत गोल्फ सिटी के पामविले अंसल निवासी कारोबारी अवधेश सिंह को रविवार सुबह अगवा कर लिया गया। इसके बाद उन्हें विशेषखंड स्थित सपा प्रवक्ता आईपी सिंह के घर बंधक बनाकर जान से मारने की कोशिश की गई।
किसी तरह मुक्त होने के बाद कारोबारी ने विभूतिखंड थाने में बंधक बनाकर पीटने, जान से मारने की कोशिश और धमकी सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया।
प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, सुशांत गोल्फ सिटी के पामविले अंसल में रहने वाले अवधेश सिंह का कारोबार है। अवधेश सिंह मूलरूप से महराजगंज के सिसवा बाजार के रहने वाले हैं।
अवधेश सिंह के मुताबिक, सपा प्रवक्ता व विशेष खंड निवासी आईपी सिंह से उनका कारोबारी संबंध था। कारोबार के संबंध में उन्होंने 34 लाख रुपये खुद के और पत्नी के खाते में लिए थे। जिसका लाभांश देने का वादा हुआ था।
अवधेश के मुताबिक, लॉकडाउन के पहले वह तय लाभांश भी दे रहे थे। लेकिन लॉकडाउन में कारोबार ठप हो गया। इसके कारण लाभांश नहीं दिया। अवधेश के मुताबिक, उन्होंने अक्तूबर तक का समय आईपी सिंह से मांगा। इस पर वह नाराज हो गए।
सप्ताहभर पहले आईपी सिंह की कॉल आई, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने खुद कॉल कर आईपी सिंह को बताया कि बाहर हूं और सप्ताहभर बाद आकर मिलूंगा। पर एक दिन देर हो गई तो आईपी सिंह ने अपने भाई मनोज सिंह को रविवार को उनके घर भेजा।
मनोज अपने चार साथियों के साथ पहुंचा और उन्हें कार में बैठाकर विशेष खंड ले गया। जहां आईपी सिंह मौजूद थे। आईपी सिंह ने उनका मोबाइल व कार की चाबी अपने सहयोगी उदय यादव को लेने को कहा। इसके बाद एक साथी ने उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी।
कुछ ही देर में आईपी सिंह ने उनके बेटे को भी बुलाने को कहा। धमकी दी कि दोनों को साथ मारेंगे। इसके लिए आईपी सिंह ने दस मीटर लंबे प्लास्टिक के थैले को मंगाया था। इसमें दमघोंट कर मारने की साजिश थी।
किसी तरह वहां एक घंटे बाद मौका देखकर अवधेश भाग निकले और गोमतीनगर स्थित अपने परिचित के घर गए। जहां से पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, अवधेश सिंह की तहरीर पर आईपी सिंह, मनोज सिंह व उदय यादव सहित कुछ अन्य पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।