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रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक पर मुकदमा

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पीड़ितों ने दर्ज कराई रिपोर्ट। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
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गोमतीनगर के विनीतखंड-5 स्थित खालसा रियल एस्टेट कंपनी के निदेशकों पर ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि निदेशकों ने जमीन के नाम पर ढाई लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, अमेठी के जामो में हरेंद्र बहादुर सिंह परिवार सहित रहते हैं। वह लखनऊ में जमीन लेना चाहते थे।
हरेंद्र के मुताबिक, जमीन के लिए विनीतखंड-5 स्थित खालसा रियल एस्टेट के कार्यालय पहुंचे। वहां निदेशक जोगिंदर सिंह से संपर्क किया था। निदेशक जोगिंदर सिंह ने हरेंद्र को कंपनी की योजनाओं के बारे में बताया था।
इसमें ढाई लाख का प्लॉट खरीदने पर दोगुनी जमीन या पांच लाख रुपये दिए जाने का दावा किया था।
जालसाज की स्कीम पर भरोसा कर हरेंद्र ने ढाई लाख रुपये निवेश किए थे, लेकिन उन्हें जमीन नहीं दी गई। रकम वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करता रहा।
इससे परेशान होकर हरेंद्र ने डीसीपी पूर्वी अमित आनंद से शिकायत की थी। उनके निर्देश पर गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
सट्टा खेलते पांच गिरफ्तार
हसनगंज कोतवाली के उपनिरीक्षक अभय प्रताप सिंह ने टीम के साथ मंगलवार को खदरा में रामलीला मैदान के पास सट्टा खेल रहे पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में मशालची टोला का सुनील निषाद, खदरा के बड़ी पकड़िया का गुलफाम व पप्पू, तारनशाहा तकिया का बंटी और छोटी पकड़िया का शमसुद्दीन है। आरोपियों के पास से 12 सट्टा पर्ची व 7625 नकदी बरामद हुई है। इंस्पेक्टर अशोक कुमार सोनकर ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। (माई सिटी रिपोर्टर)
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जमीन के नाम पर आठ लाख की ठगी, मुकदमा
उन्नाव के मझिगंवा निवासी अनुज कुमार जमीन के नाम पर आठ लाख की ठगी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर पारा दधिबल तिवारी के मुताबिक, पीड़ित ने आलमबाग निवासी मुकुल चंद्र पांडेय और उसके दोस्त सचिन शुक्ला पर आरोप लगाया है। मामले की जांच की जा रही है। इंस्पेक्टर के अनुसार, अनुज कुमार लखनऊ में जमीन तलाश रहे थे। इस दौरान ही उनकी मुलाकात मुकुल से हुई थी। उसने पारा के देवपुर में एक प्लॉट दिखाया था। 1200 वर्ग फीट प्लॉट के लिए अनुज ने आठ लाख रुपये दिए थे। कुछ समय बाद वह निर्माण कराने पहुंचे तो जितेंद्र यादव आ गए और प्लॉट पर हक जताते हुए निर्माण रुकवा दिया। छानबीन में पता चला कि मुकुल और सचिन ने उनसे ठगी है। इसके बाद दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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