लखनऊ। देवा रोड स्थित समर्पण कॉलेज ऑफ फार्मेसी के हॉस्टल में बीफार्मा के छात्र शुभम की आत्महत्या के मामले में चिनहट थाने में केस दर्ज किया गया है। शुभम के भाई की तहरीर पर प्रिंसिपल डॉ. नीरज कुमार वर्मा, कक्षाध्यापक गरिमा सिंह, डीन दीप्ति शुक्ला, कैशियर मो. फैज और आशीष के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र के मुताबिक रायबरेली के सुभाषनगर निवासी शुभम के बड़े भाई अमित ने आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमित का आरोप है कि एक साल से आरोपी हॉस्टल, कॉलेज की फीस और एनओसी को लेकर शुभम को प्रताड़ित कर रहे थे। यह भी कहा कि अनुसूचित जाति का होने के कारण शुभम को ज्यादा परेशान किया जाता था। परिजनों ने शुभम को कई बार समझाया भी था।
बकाया नहीं होने पर भी किया परेशान
आरोप है कि चार व पांच जून को कॉलेज प्रबंधन ने सभी बच्चों का प्रैक्टिकल कराया, लेकिन शुभम को परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। आरोपियों की प्रताड़ना से हार कर शुभम ने हॉस्टल के कमरा नंबर 109 में फंदा लगा लिया। अमित को फोन के जरिये घटना की सूचना मिली। सुसाइड नोट में शुभम ने आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमित का कहना है कि शुभम ने उन्हें फोन कर बताया था कि उसे चार माह की हॉस्टल फीस न जमा होने का कारण बताकर प्रैक्टिकल में नहीं बैठने दिया गया। इस पर उन्होंने प्रिंसिपल का नंबर मांगकर फोन किया था। बातचीत के दौरान प्रिंसिपल ने फोन काट दिया था। इसके बाद अमित ने भाई को 22,500 रुपये ट्रांसफर भी किए थे। आरोप लगाया कि बकाया नहीं होने के कारण भी उनके भाई को परेशान किया गया।