लखनऊ। खतरनाक मांझे की चपेट में आने से 12 फरवरी को मुशर्रफ अली घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने पतंग उड़ाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। खतरनाक मांझे के इस्तेमाल पर राजधानी में यह दूसरी एफआईआर है। पहली एफआईआर गैर इरादतन हत्या की धारा में बाजारखाला थाने में दर्ज हुई थी।
हुसैनगंज थाने में तैनात दरोगा गौरव सिंह की तहरीर पर मंगलवार को अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पतंग उड़ाने वाले के बारे में पता लगा रही है। घायल मुशर्रफ शेर वाली कोठी के रहने वाले हैं। वह 12 फरवरी को बाइक से पत्नी व बच्ची के साथ लालकुआं जा रहे थे। नाका स्थित फ्लाईओवर पर चलती बाइक पर वह मांझे की चपेट में आ गए थे। उनके गले पर चोट लगी और वह बाइक सहित सड़क पर गिर पड़े। उनकी पत्नी को भी मामूली चोट आई थी। राहगीरों की मदद से दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी मिल गई थी।
बीएनएस की धारा 125 (ए) में रिपोर्ट दर्ज
जल्दबाजी या लापरवाही से कार्य करने पर जिससे मानव जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
कोई चोट नहीं : अधिकतम तीन महीने की जेल, 2,500 तक का जुर्माना, या दोनों।
चोट पहुंचाने के लिए : छह महीने तक की कैद, 5,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों।
गंभीर चोट : अधिकतम तीन वर्ष की कैद, 10,000 तक का जुर्माना, या दोनों।
हाल में खतरनाक मांझे से हुईं घटनाएं
13 फरवरी : आलमबाग इलाके में मांझे की चपेट में आकर ध्रुव नारायण घायल।
7 फरवरी : चौक इलाके में मांझे से चौपटिया निवासी नजम खान घायल हुए।
5 फरवरी : शहीद पथ पर सेवानिवृत्त फौजी बृजेश राय के होंठ व गाल मांझे से कटा।
4 फरवरी : बाजारखाला इलाके में मांझे से एमआर शोएब की गर्दन कटने से मौत हुई।