मनजीत का आरोप है कि उनके छोटे बेटे ने बीटेक की पढ़ाई पूरी कर ली थी। उसे नौकरी का आश्वासन देते हुए चंद्रदेव गौतम ने पति से पांच लाख रुपये मांगे। मनजीत के मुताबिक चंद्रदेव लिंकर एसोसिएट्स के नाम से फर्म चलाते थे। उन्होंने मांगी रकम इसी फर्म के खाते में जमा करने को कहा।
इसका खाता विजया बैंक, गोमतीनगर में था। मनजीत के पति ने पांच लाख रुपये इस खाते में जमा करने से इंकार कर दिया तो चंद्रदेव ने रकम चिनहट के रोहित रेजीडेंसी में नकद पहुंचाने को कहा। इसके बाद मनजीत के पति ने कई किस्तों में चंद्रदेव को पैसे दिए।
इसमें यूको बैंक देहरादून से दो ड्राफ्ट, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया देहरादून से दो ड्राफ्ट, 70 हजार रुपये नकद, चंद्रदेव गौतम के एसबीआई गोमतीनगर खाते में 25-25 हजार दो बार जमा कराए। इसके अलावा 1,60,000 व 40 हजार रुपये चेक से जमा कराए।
मनजीत का यह भी आरोप है कि चंद्रदेव ने चंद्र प्रकाश मिश्रा के साथ मिलकर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। कहा कि तीन महीने में नियुक्तियां करा देेंगे, लेकिन नौकरी नहीं मिली। रकम वापस मांगी तो चंद्रदेव ने लिंकर एसोसिएट्स के खाते से जारी ढाई लाख का चेक जून 2017 में दिया। एक और चेक पीएनबी पंजाब का दिया।
खाते में रकम न होने से यह बाउंस हो गया। आरोप है कि पीएनबी के जिस खाते का चेक दिया, उसका संचालन चंद्र प्रकाश करते हैं। आरोप लगाया कि इसी तरह 50 से 60 लोगों को नियुक्ति के नाम पर ठगा गया है। इसमें मुजफ्फरनगर के ज्योतिप्रसाद, लखनऊ के सौरभ, आशीष, देहरादून के जीतू शामिल हैं।
पीड़िता का आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा। इसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक दस्तावेज की बैंक से जांच करा रहे हैं।