पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग लेकर बुधवार दोपहर विधान भवन घेरने जा रहे ऑल टीचर एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु सहित 1500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हजरतगंज के तत्कालीन इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई है।
बगैर अनुमति धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम करने, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव, सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे चार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई जा रही है। उधर, बुधवार आधी रात पोस्टमार्टम के बाद डॉ. रामाशीष सिंह का शव परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया गया। रात को ही वे शव लेकर महराजगंज रवाना हो गए।
स्पष्ट नहीं हो सकी मौत की वजह
एसएसपी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी हुई। हालांकि मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच के लिए बिसरा और हृदय सुरक्षित रखा गया है।
डॉ. रामाशीष सिंह के साढ़ू अखिलेश सिंह की तरफ से इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार पांडेय और सिपाही अभिषेक प्रताप सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में रिपोर्ट लिखाई गई है।
बल प्रयोग में पुलिस की भूमिका की जांच कर रहे एएसपी पूर्वी शिवराम यादव ने बताया कि शक्ति भवन स्थित घटनास्थल के साथ ही सप्रू मार्ग और श्रीराम टॉवर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मंगाई गई है। इन्हें देखने के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों को बयान के लिए नोटिस भेजा जाएगा।
शिक्षक के भगदड़ में कुचलने का वीडियो पुलिस को मिला
पुलिस ने बताया कि अटेवा के प्रदर्शनकारी शिक्षक डॉ. रामाशीष सिंह भगदड़ में गिर गए थे और उनके ऊपर से कई लोग चढ़कर निकल गए।
संभवत: इसी वजह से उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि पुलिस को स्मार्टफोन से बनाए गए दो वीडियो मिले हैं। इनमें डॉ. रामाशीष सिंह जमीन पर गिरे और लोग उनके ऊपर से चढ़कर भागते हुए दिख रहे हैं।