रायबरेली। शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर पालिका परिषद की कवायद सफल नहीं हो पा रही है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना चलने के बावजूद लोग गीला और सूखा कचरा इधर-उधर फेंक देते हैं। सड़क के बीच भी कूड़ा फेंकने से गुरेज नहीं करते हैं। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह ने सोमवार को इंदिरा नगर का जायजा लिया। कहा कि इधर-उधर कूड़ा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
शहर की सबसे बड़ी कॉलोनी इंदिरा नगर है। इसके मुख्य मार्ग पर आरडीए, दूध डेयरी कॉलोनी के आसपास बीच सड़क पर कूड़ा फैला रहता है। लाल बहादुर शास्त्री पार्क, विशेश्वर इंटर कॉलेज और उसके आसपास के क्षेत्र में मनमाने तरीके से कूड़ा फेंका जाता है। जानवरों का डेरा लगा रहता है।
क्षेत्रीय लोगों की शिकायत पर ईओ सुबह आरडीए और इंदिरा नगर मुख्य मार्ग होते हुए लाल बहादुर शास्त्री पार्क और उसके आसपास का क्षेत्र देखा, जहां गंदगी भरी पड़ी थी। उन्होंने क्षेत्रीय नागरिकों से बातचीत की। ईओ को कारोबारी हरिहर सिंह, विजय रस्तोगी, इंद्र बहादुर यादव ने बताया कि दूरदराज से लोग आते हैं और घरों के आसपास कूड़ा फेंककर चले जाते हैं।
अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने टूटी नालियों को बनवाने, कूड़ा हटवाने और छुट्टा जानवरों को गोशाला भेजवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना को और कारगर बनाने का भरोसा दिया। योजना के संचालक अजय सिंह को बुलवाया और वाहन चलवाकर घर-घर कूड़ा उठाने का निर्देश दिया। हर घर से 50 रुपये लिए जाते हैं। इस धनराशि को देने में लोग आना-कानी करते हैं।
शहर को साफ-सुथरा बनाने में करें सहयोग
इधर-उधर कूड़ा फेंकने वालों पर 200 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से कहा कि घर-घर कूड़ा उठाने की योजना शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए चलाई गई है। इसमें सभी सहयोग करें। कूड़ा कलेक्शन करने वालों को कूड़ा दें।
- स्वर्ण सिंह, अधिशासी अधिकारी