लखनऊ। किस्तें न भर पाने पर फाइनेंस कंपनी के कर्मियों ने युवक के नाबालिग बेटे को अगवा कर लिया। पिता जब बेटे को छुड़ाने पहुंचा तो आरोपियों ने दोनों को पीट दिया। कोर्ट के आदेश पर रविवार को चिनहट पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
इंदिरानगर सेक्टर -8 में आयशा अपार्टमेंट में प्रवीण कुमार दीक्षित रहते हैं। उन्होंने बताया कि दो साल पहले पत्नी आरती ने विभूतिखंड स्थित जना स्मॉल फाइनेंस कंपनी से 23 लाख का होम लोन लिया था। पत्नी के बीमार होने पर कुछ किस्तें भर नहीं पाए थे। आरोप है कि इस पर बीते साल 30 दिसंबर को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे फाइनेंस कंपनी के कर्मी कपिल देव सिंह, आलोक सिंह, शुभम श्रीवास्तव, अभिषेक चौरसिया और धीरेंद्र विक्रम सिंह उनके घर पर आ धमके।
आरोपियों ने उनके नाबालिग बेटे को अगवा कर लिया और उसे घुमाते रहे। फिर उन्होंने प्रवीण को ऑफिस आने और किस्त चुकाने की बात कही। ऐसा न करने पर बेटे की हत्या करने की धमकी दी। प्रवीण जब अपने दफ्तर पहुंचे तो कर्मियों ने उन्हें व बेटे को जमकर पीटा। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। इस पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। इंस्पेक्टर के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है।