पनगढि़या ने बताया कि प्रदेश ने करों में बंटवारे के फॉर्मूले में भी बदलाव की मांग की है। प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) द्वारा मापी गई आय अंतर (इनकम डिस्टेंस) मानदंड का भार पहले की तरह 45 प्रतिशत रखने की मांग की है। भौगोलिक क्षेत्रफल को 15 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने की मांग की है। आबादी में हिस्सेदारी 15 से बढ़ाकर 22.5 फीसदी, डेमोग्राफिक परफॉर्मेंस (जनसांख्यिकीय प्रदर्शन) 12.5 से घटाकर 7.5 फीसदी, वन क्षेत्र मद में 10 से घटाकर 5 फीसदी, और टैक्स प्रयासों की मद में मिलने वाले अंश को 2.5 से बढ़ाकर 10 फीसदी करने का प्रस्ताव आयोग को दिया है।
ये है 16वें वित्त आयोग की जिम्मेदारी
16वें वित्त आयोग का गठन 31 दिसंबर 2023 को किया गया था। आयोग की जिम्मेदारी केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व वितरण की है। आयोग 31 अक्तूबर तक अपनी रिपोर्ट पेश कर सकता है। ये सिफारिशें एक अप्रैल 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी होंगी।