फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंत्री के आने से पहले आपस में भिड़ गए अफसर, मंच पर चले जूते, तस्वीरें

Thu, 20 Apr 2017 02:27 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 4
उप्र. वाणिज्य कर सेवा संघ के अधिवेशन के अंतिम दिन उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मुख्य अतिथि वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल के पहुंचने के ठीक पहले वाणिज्य कर अधिकारी आपस में ही भिड़ गए। दो गुटों के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो लात-घूंसे भी चल गए। जूनियर अधिकारियों ने सीनियरों पर जहां उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया, वहीं सीनियर अधिकारियों ने आरोप को बेबुनियाद बताते हुए अधिवेशन की गरिमा को खराब करने के लिए सोची-समझी रणनीति का हिस्सा बताया। करीब 10 मिनट तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। हालांकि मंत्री के पहुंचते ही दोनों पक्ष शांत हो गए।
विज्ञापन

2 of 4
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे वाणिज्य कर अधिकारियों के संगठन के द्विवार्षिक अधिवेशन का बुधवार को अंतिम दिन था। मुख्य अतिथि के तौर पर सूबे के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल को आना था। सुबह अधिवेशन की शुरुआत के बाद अधिकारी अपनी-अपनी समस्याओं पर चर्चा कर रहे थे। इसी बीच सभागार में बैठे कुछ जूनियर अधिकारी मंच पर पहुंचकर अपने-अपने जोन के वरिष्ठ अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाने लगे। इस पर मंच पर बैठे पदाधिकारियों समेत कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने इसका विरोध किया। इसी बीच कुछ और जूनियर अधिकारी मंच पर चढ़ गए और दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें शांत करने का प्रयास किया, लेकिन जूनियर लगातार वरिष्ठों के खिलाफ अपशब्द बोलते रहे।
विज्ञापन

3 of 4
जूनियर अधिकारियों का आरोप था कि जोनल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारी जमकर शोषण करते हैं। छोटे अधिकारियों को फील्ड में जाने के लिए वाहन तक नहीं देते और अपने लिए दो-दो वाहन रखते हैं। इसी तरह वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में भ्रष्टाचार कराया जाता है और जूनियरों को फंसा दिया जाता है। जूनियर जुबान खोलता है, तो उसका तबादला करा दिया जाता है। जबकि सीनियर अधिकारियों का कहना था कि जो लोग यह आरोप लगा रहे हैं वह सोची-समझी रणनीति के तहत अधिवेशन में हंगामा करने का प्लान बनाकर आए थे।
विज्ञापन

4 of 4
हंगामा चल रहा था कि खबर मिली मंत्री राजेश अग्रवाल की गाड़ी बाहर आ गई है। इसके बाद दोनों पक्ष शांत हुए। इसी बीच मंत्री भी मंच पर पहुंच गए, तब जाकर अधिवेशन की शुरुआत हो पाई। हालांकि मंत्री भी करीब 10 मिनट बाद चले गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें