गोलागंज निवासी महिला गश खाकर गिर गई। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे तो जांच में बीपी हाई निकला। इसके बाद उसने दम तोड़ दिया। रिपोर्ट में महिला पॉजिटिव निकली। प्रभारी डॉक्टर संदीप तिवारी ने बताया कि महिला के संपर्क में आने वालों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है।
एक प्रवासी की रिपोर्ट भी आई पॉजिटिव: 17 मई को दिल्ली से लौटने वाली 45 साल की महिला मलिहाबाद के सजना गांव की निवासी है। सेंट जोसेफ कॉलेज में क्वारंटीन थी। इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद शुक्रवार को लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया है।
160 लोगों के लिए सैंपल: स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों से कुल 160 लोगों के सैंपल लिए हैं। इसमें करीब 80 सैंपल सदर इलाके से लिए गए हैं।
दरोगाखेड़ा में 90 से अधिक घर कंटेनमेंट जोन में
केजीएमयू के पीडियाट्रिक आंकोलॉजी विभाग में पीलीभीत निवासी रक्त कैंसर से पीड़ित तीन साल का बच्चा 25 मई को कीमोथेरेपी के लिए आया था। उसे डे-केयर वार्ड में रखा गया और कीमोथेरेपी दी गई। बच्चे का सैंपल ले लिया गया था। कीमोथेरेपी के बाद बच्चे को घर भेज दिया गया था। शुक्रवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद बच्चे को बुलाकर कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया।
बच्चे की देखभाल के लिए परिवार की एक महिला को भी रखा गया है। मीडिया प्रभारी डॉक्टर सुधीर सिंह ने बताया कि इस दौरान उसके संपर्क में आईं तीन नर्स, दो वार्ड ब्वॉय, 2 सफाईकर्मी को क्वारंटीन कर दिया गया है। इनकी जांच कराई जा रही है। डे-केयर वार्ड को सैनिटाइज किया गया है। वार्ड को सोमवार को खोला जाएगा।
सुल्तानपुर निवासी मरीज को लेकर परिवार के लोग एंबुलेंस से केजीएमयू पहुंचे थे। एंबुलेंस कर्मी संक्रामक रोग यूनिट के बाहर मरीज को उतार कर चला गया। इस दौरान दो घंटे तक परिवार के लोग उसके पास बैठे रहे। किसी ने केजीएमयू के अधिकारियों को सूचना दी तब जाकर मरीज को वार्ड में ले जाया गया।
इस संबंध में मीडिया प्रभारी डॉक्टर सुधीर सिंह ने बताया कि मामला केजीएमयू प्रशासन के संज्ञान में आते ही रोगी को तुरंत कोविड आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। एंबुलेंस चालक की पड़ताल की जा रही है। कठोर कार्रवाई कराई जाएगी।
सरोजनी नगर के दारोगाखेड़ा इलाके में 90 से अधिक घर कंटेनमेंट जोन में चिह्नित किए गए हैं। वहीं, डीएम के निर्देश के बावजूद 22 लोगों के सैंपल नहीं जा सके। क्योंकि सैंपल लेने आई टीम के पास पर्याप्त किट नहीं थीं। मालूम हो कि दरोगाखेड़ा निवासी एक ही परिवार के पांच लोगों की कोरोना रिपोर्ट बुधवार को पॉजिटिव आई थी।
इसके बाद शाम को ही पूरी कॉलोनी को सील कर दिया गया था। शुक्रवार को जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने उक्त कंटेनमेंट जोन का औचक निरीक्षण कर इंतजामों को परखा। इस दौरान यहां की निगरानी समिति के अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने 50 सदस्यों की जांच की मांग की थी।
डीएम ने जांच का निर्देश दिया था। लेकिन शाम को यहां पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम के पास केवल 28 किट ही थीं। इसके चलते 22 लोगों के सैंपल नहीं लिए जा सके। इससे पहले डीएम ने कंटेनमेंट जोन में बैरिकेडिंग और सैनिटाइजेशन व्यवस्था को देखा।
साथ ही इससे जुड़े इलाके में दैनिक खाद्य आपूर्ति की वस्तुओं और दवाइयों की उपलब्धता डोर स्टेप डिलीवरी के तहत कराने का निर्देश दिया। निर्देश दिया कि डिलीवरी चिह्नित लोगों से पीपीई किट पहनाकर ही कराई जाए। सीसीटीवी कैमरे भी लगवाने का निर्देश दिया।