आमतौर पर बारात कार या दूसरी गाड़ियों से पहुंचती है। रोड पर चलने वाले टैंपों या विक्रम से बारात नहीं पहुंचती। यदि बारात इन वाहनों से पहुंच जाए तो क्या नजारा हो। इस बात का अंदाजा बारातियों को तब हुआ जब वह टैंपो करके बारात लेकर पहुंचे।
मामला इलाहाबाद का है। बाराती अप्पे (टेंपो) से पहुंचे तो घरातियों के सम्मान को ठेस लग गई। ठेस इस कदर लगी कि इस बात का अंदाजा अब यूं लगा सकते हैं कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। बाराती और घराती आक्रामक होकर एक-दूसरे से भिड़ गए।
इस दौरान चर्ले पत्थर व लाठी डंडे में दोनों पक्षों के 16 लोग घायल हो गए। द्वारचार के समय तिलक के दौरान बात बढ़ी तो घराती शादी न करने की बात पर अड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला निपटवाने की कोशिश की।
पुलिस के आने के बाद किसी तरह बड़े बुजुर्गों की मदद से सुलह समझौता करा शादी कराई। घायलों में दूल्हे के पिता व चचेरा भाई भी शामिल है।