- आवेदन विभाग के आहरण वितरण अधिकारी (डीडीओ) से करना पड़ेगा।
- विभाग प्री-पेड कार्ड का मांग पत्र जिले के कोषाधिकारी को भेजेगा।
- जिले का कोषागार समस्त आवेदनपत्रों को निदेशक कोषागार को भेजेगा।
- निदेशक कोषागार प्रदेश के समस्त जिलों के मांग पत्र को संकलित कर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को भेजेंगे।
- एसबीआई मांग पत्र के आधार पर रूपे कार्ड प्रिंट करवाकर चयनित शाखाओं को उपलब्ध कराएगा।
- बैंक की चयनित शाखा से विभागों के संबंधित डीडीओ को कार्ड मिलने की सूचना दी जाएगी।
- बैंक की सूचना पर कार्यालयाध्यक्ष द्वारा फेस्टिवल अग्रिम का आदेश जारी किया जाएगा।
- कार्यालयाध्यक्ष के आदेश पर डीडीओ फेस्टिवल एडवांस की रकम एसबीआई द्वारा सूचित अकाउंट में जमा करेगा।
- डीडीओ चयनित शाखा से प्री-पेड कार्ड व पिन प्राप्त कर कर्मचारियों को उपलब्ध कराएगा।
सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र का कहना है कि राज्य सरकार अगर वास्तव में त्योहारी एडवांस का उत्साहपूर्ण क्रियान्वयन चाहती थी तो उसे कर्मियों से ऑनलाइन आवेदन लेकर 10 हजार रुपये वेतन की तरह अकाउंट में सीधे क्रेडिट करने की व्यवस्था करती। फिर एक-एक हजार रुपये 10 किस्तों में वेतन अकाउंट से ही काट लिए जाते। त्योहारी एडवांस लेने की प्रक्रिया को जिस तरह उलझाऊ बनाया गया है उससे लगता है कि सरकार चाहती ही नहीं थी कि कर्मचारी इसका उत्साह पूर्वक लाभ लें।
निदेशक कोषागार पंकज शर्मा का कहना है कि पैकेज का लाभ लेने की समयावधि मार्च-2021 तक है। ऐसे में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। कर्मचारी को मार्च तक जब भी जरूरत होगी, पैकेज का लाभ ले सकेगा।