चिकित्सा संस्थानों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि संबंधित पद के लिए दो बार विज्ञापन जारी किया जाए। यदि दोनों बार में योग्य उम्मीदवार नहीं मिलते हैं तो संविदा के आधार पर आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज से सेवानिवृत्त चिकित्सा शिक्षकों, 20 वर्ष पूरा करने वाले मेडिकल कॉलेज के अथवा 10 वर्ष पूर्ण करने वाले चिकित्सा संस्थान के सेवानिवृत्त प्रोफेसर को नियुक्त किया जा सकता है। इन्हें मानदेय के रूप में 2.20 लाख रुपया दिया जाएगा।
लोहिया संस्थान में रेडिएशन आंकोलॉजी, मेडिकल आंकोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, कार्डियोलॉजी, क्रिटिकल केयर, एंडोक्राइन सर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी, गैस्ट्रो मेडिसिन, गैस्ट्रो सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, सर्जिकल ऑंकोलॉजी, न्यूरोलॉजी और नियोनाटोलॉजी में एक-एक प्रोफेसर नियुक्त किए जाएंगे।
केजीएमयू में कुल 11 प्रोफेसर की नियुक्ति होगी। यहां नियोनाटोलॉजी विभाग में दो प्रोफेसर नियुक्त होंगे। इससे नवजातों के उपचार को गति मिलेगी। साथ ही नए विशेषज्ञ भी तैयार किए जा सकेंगे। इसके अलावा न्यूरोलॉजी के एक प्रोफेसर की नियुक्ति होने से किडनी प्रत्यारोपण भी शुरू हो सकता है।
यहां एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, क्रिटिकल केयर मेडिसिन, थोरेसिक सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, पीडियाट्रिक कनकोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और पलमोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में एक एक प्रोफेसर की नियुक्ति की जाएगी।