उनकी हरकतों से परेशान होकर 24 जनवरी 2019 को विभाग के अलावा राज्य महिला आयोग से शिकायत की थी। आयोग के निर्देशानुसार हुई विभागीय जांच में रवि श्रीवास्तव दोषी पाए गए हैं। इसके बाद से वह समझौते का दबाव बना रहे हैं। बात न मानने पर लगातार फोन कॉल करके उन्हें व परिवारीजनों को जानमाल की धमकी दी जा रही है।
धमकियों के चलते ही पीड़िता तनाव में रहने लगीं। 16 फरवरी की रात उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वह बेहोश हो गईं। उन्हें लारी कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में ले जाया गया तब जान बच सकी। पीड़िता का आरोप है कि सहायक श्रमायुक्त ने 26 मार्च को वॉट्सएप कॉल करके पीड़िता व उसके पति को धमकाया था।