अस्ती गांव में कुकरैल नदी के उद्गम स्थल का निरीक्षण करते जिलाधिकारी व अन्य।
लखनऊ। बीकेटी तहसील क्षेत्र में कुकरैल नदी के पुनर्जीवन के लिए दो तालाबों की खोदाई व अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को डीएम ने निरीक्षण किया तो कार्य में खामियां मिलीं। आशंका है कि कार्य में हेरफेर किया गया है। उन्होंने डीसी मनरेगा को कमेटी गठित कर जांच करवाने के आदेश दिए हैं।
डीएम सबसे पहले कुकरैल नदी के उद्गम स्थल बीकेटी के अस्ती गांव पहुंचे। यहां दसौर बाबा का तालाब व एक अन्य तालाब का निरीक्षण किया। अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई ने बताया कि 2.7 हेक्टेयर भूमि में स्थित तालाब की खोदाई कराई जा रही है।
निरीक्षण में पाया गया कि स्लोप नहीं बनाया गया। अधिशासी अभियंता का कहना था कि सप्लीमेंट्री एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। डीएम ने डीसी मनरेगा से कहा कि कमेटी गठित कर तालाबों के जीर्णोंद्धार के कराए गए कार्यों का सत्यापन कराएं।
खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि दसौर बाबा तालाब स्थित घाट का सुंदरीकरण और सफाई करवाएं। डीसी मनरेगा ने बताया कि दोनों तालाबों को ह्यूम पाइप डालकर जोड़ा गया है, ताकि पानी के बहाव को कुकरैल तक पहुंचाया जा सके। डीएम ने अधिशासी अभियंता से कहा कि कुकरैल का पुराना सेटेलाइट डाटा उपलब्ध कराएं। इससे आकलन किया जा सके कि नदी में कितना पानी रहता था और कितना बहाव था। डीएम ने दोनों तालाबों के पास बने कूप का भी निरीक्षण किया, जो सूखा मिला। खंड विकास अधिकारी और डीसी मनरेगा को इसकी सफाई के निर्देश दिए गए।