लखनऊ। राजधानी में बेमौसम 11 व 33 हजार वोल्ट की भूमिगत लाइनों में फॉल्ट आ रहा है। इससे उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो रही है। हालांकि, ऐसे फॉल्ट घनघोर बारिश के दौरान ही उत्पन्न होते थे, मगर वर्तमान में तो मामूली बारिश होते ही फॉल्ट होने से बिजली ठप हो रही है। ऐसे फॉल्ट पर सवाल उठ रहे, मगर जिम्मेदारों की अनदेखी बनी है।
वर्टिकल सिस्टम में 11 हजार व 33 हजार वोल्ट की लाइन बिजली आपूर्ति को दुरुस्त रखने के लिए अलग-अलग अधिशासी अभियंता जिम्मेदार बनाए गए हैं। पहले यह काम खंडीय अधिशासी अभियंता से लेकर उपकेंद्र के कर्मचारी करते थे। ऐसे में सवाल यह उठ रहा कि कहीं ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए 10 मिनट भी बिजली बंद होने पर उसे फॉल्ट का नाम तो नहीं दे रहे। ज्यादातर उपकेंद्रों पर अब 33 हजार वोल्ट की डबल लाइन होने के कारण बिजली एक से बंद होती है, तो दूसरे से चालू कर देते हैं, मगर कुछ उपकेंद्र की 11 व 33 हजार वोल्ट की लाइन में रोजाना फॉल्ट आना तय है। यहां यह जांच करने वाला कोई नहीं कि फॉल्ट हकीकत में आता है या फिर यूं ही बिजली बंद कर तकनीकी खामी का रूप दिया जा रहा है।
शनिवार को हुए फॉल्ट
खुर्रमपुर मोहान रोड, 100 बेड अस्पताल, सूगामऊ इंदिरानगर, निरालानगर, रेजीडेंसी, आजादनगर, चौपटिया, राधाग्राम, लाप्लास, गोयल चौराहा उपकेंद्र की 33 हजार वोल्ट की लाइन में फॉल्ट आया था। इसी प्रकार गऊघाट से जाफरिया कॉलोनी, यूपीआईएल से निवाजखेड़ा, अहिबरनपुर से पुलिस चौकी आदि 11 हजार वोल्ट की लाइन में तकनीकी खराबी आने के कारण बिजली गुल हुई।