हमारा बेटा शरारती था, बच्चे शरारती होते ही हैं। जाने किसने उसे जख्मी करके गड्ढे में फेंका था। वह मौत से हार गया। डॉक्टर साहब, हमारे घर का एक चिराग बुझ गया है। हो सके तो मेरे घर के बुझे चिराग से किसी को रोशनी दे देना।
ट्रॉमा सेंटर में दो दिन से भर्ती किशोर की मौत पर रो रहे माता-पिता ने अपने लाडले के नेत्रदान करने के साथ बेटे की हत्या का अंदेशा जताते हुए कार्रवाई की मांग की। कैंट के नईबस्ती निलमथा निवासी पुष्पेंद्र प्रसाद व सुशीला के 15 साल के बेटे चंद्रकांत की सोमवार सुबह ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई।
चंद्रकांत बुधवार को गोसाईंगंज के गांव मलाक के पास गड्ढे में जख्मी हालत में मिला था। उसकी मौत पर परिवारीजन विलाप करने लगे। डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना दी और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू हुई। पुष्पेंद्र ने पत्नी सुशीला को ढांढस बंधाया।
कहा कि अपना शरारती चंद्रकांत अब लौटकर नहीं आने वाला, हम अपने घर के बुझे चिराग से किसी को रोशनी दे सकते हैं। उसने डॉक्टरों से अपने लाडले के नेत्रदान करने की इच्छा जताई। केजीएमयू के कम्यूनिटी आई बैंक के डॉ. अरुण शर्मा से संपर्क किया।
टरकाती रही पुलिस
पुष्पेंद्र (चंद्रकांत के पिता), नेत्र दान का प्रमाण पत्र
- फोटो : amar ujala
नेत्र दान के साथ पोस्टमार्टम कराने के बाद शव घर ले गया। परिवारीजनों को अंतिम दर्शन कराने के बाद बेटे का अंतिम संस्कार किया। भू जल विभाग में संविदाकर्मी पुष्पेंद्र ने बताया कि चंद्रकांत ने आठवीं पास करके पढ़ाई छोड़ दी थी।
वह 12 दिसंबर की दोपहर घूमने निकला था। उसके रात तक न लौटने पर तलाश शुरू की। अगली सुबह गांव मलाक के पास गड्ढे में घायल पड़ा मिला। सिर पर गहरी चोट थी। पता चला कि टैंपो स्टैंड पर उसका किसी से झगड़ा हुआ था। बेटे को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराने के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने निकला।
पुष्पेंद्र ने बताया कि बेटे को घायल करके गड्ढे में फेंके जाने की रिपोर्ट लिखाने गोसाईंगंज थाने पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल कैंट इलाके का बताकर लौटा दिया। कैंट पुलिस ने भी रिपोर्ट नहीं लिखी। एक परिचित की सलाह पर उसने ई-एफआईआर की थी। इसकी पड़ताल गोसाईंगंज पुलिस को सौंपी गई। गोसाईंगंज थाने से सोमवार को कॉल आई। इससे पहले चंद्रकांत दम तोड़ चुका था।
बेटे की मौत पर रो रहे पुष्पेंद्र ने अज्ञात व्यक्तियों पर अपने बेटे की हत्या का अंदेशा जताते हुए कार्रवाई की मांग की। कहा कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है। दो अन्य बेटों शशिकांत व रवि के मुकाबले चंद्रकांत शरारती था। टैंपो स्टैंड पर किसी से उसका झगड़ा होने की जानकारी मिली है।