समझौते के बाद भी मारपीट करता था दामाद
आशीष के पिता ने कहा था कि अब कभी प्रियंका को प्रताड़ित नहीं किया जाएगा। इस पर बेटी को आशीष के साथ भेज दिया था। आरोप है कि आशीष समझौते के बाद भी मारपीट करता था। ससुराल में भी मारपीट की थी। बच्चे के भविष्य के लिए बेटी सब बर्दाश्त करती रही।
उठ रहे कई सवाल ?
सत्य नारायण का कहना है कि आशीष ने आठ जनवरी को तड़के तीन बजे उन्हें फोन किया। बताया कि आपकी बेटी की बाथटब में डूबने से मौत हो गई है। आरोप है कि साजिश के तहत उनकी बेटी की हत्या की गई है। सवाल ये है कि प्रियंका बाथटब में कैसे पहुंचीं और उस दौरान आशीष कहां था?
पत्नी का शव छोड़कर लौटा
सत्यनारायण ने बताया कि सात जनवरी को बेटी ने घर पर फोन किया था। बताया था कि रात में पता नहीं क्या खिलाया गया था कि वह होश में नहीं थी। पूरी रात उल्टी हुई। इसके अगले दिन आठ जनवरी को बेटी की मौत की सूचना मिली। आरोप है कि नौ जनवरी को ही आशीष के घरवाले पटाया पहुंच गए थे। एक दिन बाद बेटी का शव छोड़कर लौट आए।
आरोप : आशीष करा सकता है कोई भी घटना
सत्यनारायण के मुताबिक आशीष उनके परिवार के साथ भी कोई घटना कर सकता है। कार्रवाई की मांग की है। अभी प्रियंका का शव नहीं आया है। इंस्पेक्टर रवि शंकर त्रिपाठी के मुताबिक आशीष के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
सेक्टर 16 बी वृंदावन योजना में रहने वाले सत्यनारायण शर्मा के मुताबिक शादी के बाद से आशीष उनकी बेटी को परेशान करता था। आरोपी के अन्य औरत से नाजायज संबंध हो गए थे। इसकी जानकारी होने पर प्रियंका विरोध करती थी। खुद में सुधार करने के बजाय आरोपी उनकी बेटी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था।
तंग आकर प्रियंका ने पूर्व में आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ पुलिस से शिकायत भी की थी। बेटी की मौत की जानकारी होने पर पिता ने राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा से मदद की गुहार लगाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने केस दर्ज कर छानबीन के निर्देश दिए।