लखनऊ। एलडीए की आईटी सिटी व वेलनेस सिटी योजना के लिए लैंड पूलिंग के माध्यम से भूमि देने वाले किसान मालामाल होंगे। योजना लांच होने पर भूस्वामियों को उनकी कुल भूमि की 25 प्रतिशत विकसित आवासीय जमीन या 50 प्रतिशत अविकसित जमीन योजना में दी जाएगी, जो वर्तमान में दी जा रही मुआवजे की धनराशि से करीब 10 गुना अधिक कीमत की होगी। बुधवार को एलडीए वीसी ने योजना का निरीक्षण करते हुए इसकी जानकारी दी और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि सुल्तानपुर रोड व किसान पथ के मध्य 2,858 एकड़ क्षेत्रफल में आईटी सिटी विकसित की जाएगी। इसमें जिन गांवों की जमीन आ रही है, वहां लैंड पूलिंग से जमीन लेने को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि किसानों को अधिक फायदा हो।
उदाहरण के लिए, योजना में आने वाले मोहारी खुर्द गांव में जमीन का सर्किल रेट लगभग आठ लाख रुपये बीघा है। नियमानुसार चार गुना मुआवजा देने पर भी एक किसान को 32 लाख रुपये ही मिलेंगे। वहीं, लैंड पूलिंग नीति के तहत शत प्रतिशत भूमि निशुल्क देने वाले किसान को योजना में 25 प्रतिशत विकसित आवासीय भूमि यानि एक बीघा जमीन पर 6,800 वर्गफुट विकसित जमीन मिलेगी, जिसकी कीमत तीन करोड़ रुपये से अधिक होगी, यानि किसान को कई गुना अधिक लाभ होगा।
श्रवण अपार्टमेंट में ठेकेदार को फटकार
एलडीए वीसी ने बुधवार को कानपुर रोड योजना स्थित श्रवण अपार्टमेंट का भी निरीक्षण किया। परिसर में सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। पार्किंग व सैंपल फ्लैट का काम भी अधूरा मिला। जिस पर उन्होंने कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि को फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक माह के अंदर सैंपल फ्लैट तैयार करते हुए गेट के पास गार्ड रूम बनाया जाए।
आईटी सिटी के लिए इन गांवों की ली जाएगी जमीन
मोहनलालगंज तहसील के ग्राम-बक्कास, सोनई कंजेहरा, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, पहाड़नगर टिकरिया, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, खुजौली व भटवारा गांव।
वेलनेस सिटी के लिए इन गांवों की ली जाएगी जमीन
बक्कास, मलूकपुर ढकवा, चौरहिया, दुलारमऊ, नूरपुर बेहटा व मस्तेमऊ।