प्रदेश सरकार ने लापता सरकारी सेवकों के सेवानिवृत्तिक लाभों में भविष्य निधि का भुगतान भी परिवारीजनों को करने का रास्ता साफ कर दिया है। विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार ने शनिवार को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।
दरअसल, लापता सरकारी सेवकों के सेवानिवृत्तिक लाभों का भुगतान उनके परिवारीजनों को करने के लिए 13 अप्रैल 2017 को दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इसमें कहा गया था कि अगर कोई सरकारी सेवक, पेंशनर, पारिवारिक पेंशनर लापता हो जाता है तो उसके लापता होने की रिपोर्ट उसके परिवार द्वारा पुलिस में दी जाएगी।
पुलिस से यह रिपोर्ट मिलने पर कि सभी प्रयासों के बाद भी लापता सरकारी सेवक, पेंशनर, पारिवारिक पेंशनर का पता नहीं चल सका। ऐसी स्थिति में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के छह माह बाद उसके बकाया वेतन, पारिवारिक पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण का भुगतान कर दिया जाएगा।
इसके लिए 20 मार्च 1987 के आदेश में तय औपचारिकताओं को पूरा करने की शर्त जोड़ी गई थी। इसमें भविष्य निधि में उपलब्ध राशि के भुगतान की बात छूट गई थी। इससे लापता सरकारी सेवकों के परिवारीजनों को परेशान होना पड़ता था।
शासन के संज्ञान में यह मामला आने के बाद विशेष सचिव वित्त ने अब नया आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि बकाया वेतन, पारिवारिक पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण की तरह भविष्य निधि का भी भुगतान किया जा सकेगा। इसकेलिए भी 20 मार्च 1987 के प्रावधानों का पालन करना होगा।