कृषि विभाग में संविदा कर्मचारी मोहनलालगंज के खुझौली निवासी सुरेश कुमार का स्कूटर आठ वर्ष से घर में खड़ा है। हाल ही उन्होंने स्कूटर बेचने के लिए खरीदार को कागज चेक कराने को दिया तो पता चला कि स्कूटर नंबर पर एक वर्ष पहले वाहन चलाते समय सीट बेल्ट नहीं लगाने का जुर्माना लगाया गया है। सुरेश ने ट्रैफिक लाइन में शिकायत दर्ज कराई तो उन्हें सीतापुर में चालान होने की जानकारी दी गई। सुरेश ने सीतापुर ट्रैफिक लाइन में पत्र भेजकर चालान निरस्त करने की मांग की है।
केस-2
मोहनलालगंज के सिसेंडी निवासी शिक्षक महिमाराम त्रिवेदी की कार शिक्षक दिवस पर कॉलेज में खड़ी थी। तभी उनको कार के चालान की जानकारी मिली। पता चला कि दुबग्गा में उनकी कार का चालान किया गया है, जबकि महिमाराम के मुताबिक, महीनों से उनकी कार दुबग्गा की तरफ गई ही नहीं। अधिकारी चालान करते समय ली गई फोटो उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। पीड़ित ने ट्रैफिक अधिकारियों से लेकर पुलिस कमिश्नर तक पत्र भेजकर शिकायत की है।
केस-3
चारबाग निवासी ऑटो चालक हरविंदर सिंह अरोरा ने बताया कि लॉकडाउन के कारण उनके ऑटो का फिटनेस नहीं हो सका था। केंद्र सरकार ने भी दिसंबर 2020 तक की छूट दी है, लेकिन यातायात पुलिस ने उनका 10 हजार रुपये का चालान काट दिया है।
यातायात पुलिस के ई-चालान काटने में लापरवाही बरतने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। लोगों का आरोप है कि यातायात पुलिस लगातार बेवजह चालान काट रही है। एक व्यक्ति ने तो शिकायत की थी, कि वह अपने घर लखनऊ में मौजूद था, लेकिन कार का चालान बाराबंकी में काट दिया गया। शहर में रोजाना सैकड़ों ई-चालान काटे जा रहे हैं।