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यातायात पुलिस का कारनामा, आठ साल से घर में खड़ा स्कूटर, काट दिया ई-चालान

Wed, 30 Sep 2020 02:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो ललित दीक्षित, अमर उजाला, लखनऊ
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घर में खड़े स्कूटर का काट दिया ई-चालान - फोटो : अमर उजाला
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केस-1
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कृषि विभाग में संविदा कर्मचारी मोहनलालगंज के खुझौली निवासी सुरेश कुमार का स्कूटर आठ वर्ष से घर में खड़ा है। हाल ही उन्होंने स्कूटर बेचने के लिए खरीदार को कागज चेक कराने को दिया तो पता चला कि स्कूटर नंबर पर एक वर्ष पहले वाहन चलाते समय सीट बेल्ट नहीं लगाने का जुर्माना लगाया गया है। सुरेश ने ट्रैफिक लाइन में शिकायत दर्ज कराई तो उन्हें सीतापुर में चालान होने की जानकारी दी गई। सुरेश ने सीतापुर ट्रैफिक लाइन में पत्र भेजकर चालान निरस्त करने की मांग की है।
केस-2
मोहनलालगंज के सिसेंडी निवासी शिक्षक महिमाराम त्रिवेदी की कार शिक्षक दिवस पर कॉलेज में खड़ी थी। तभी उनको कार के चालान की जानकारी मिली। पता चला कि दुबग्गा में उनकी कार का चालान किया गया है, जबकि महिमाराम के मुताबिक, महीनों से उनकी कार दुबग्गा की तरफ गई ही नहीं। अधिकारी चालान करते समय ली गई फोटो उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। पीड़ित ने ट्रैफिक अधिकारियों से लेकर पुलिस कमिश्नर तक पत्र भेजकर शिकायत की है।
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केस-3
चारबाग निवासी ऑटो चालक हरविंदर सिंह अरोरा ने बताया कि लॉकडाउन के कारण उनके ऑटो का फिटनेस नहीं हो सका था। केंद्र सरकार ने भी दिसंबर 2020 तक की छूट दी है, लेकिन यातायात पुलिस ने उनका 10 हजार रुपये का चालान काट दिया है। 

यातायात पुलिस के ई-चालान काटने में लापरवाही बरतने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। लोगों का आरोप है कि यातायात पुलिस लगातार बेवजह चालान काट रही है। एक व्यक्ति ने तो शिकायत की थी, कि वह अपने घर लखनऊ में मौजूद था, लेकिन कार का चालान बाराबंकी में काट दिया गया। शहर में रोजाना सैकड़ों ई-चालान काटे जा रहे हैं। 
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चालान व साक्ष्य के साथ करें आवेदन

इसी कार का काटा चालान - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सिपाही, हेड कांस्टेबल, टीएसआई और टीआई के लिए कोटा तय कर दिया गया है। उसे दिनभर में तय चालान काटना ही पड़ता है, नहीं तो अधिकारियों की फटकार का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि सिर्फ टारगेट पूरा करने के लिए इस तरह के मनमाने चालान काटे जा रहे हैं।

अत्याधुनिक सुविधाओं से यातायात पुलिस को लैस किया जा रहा है। सभी टीएसआई व टीआई को मोबाइल से ई-चालान काटने की सहूलियत दे दी गई, लेकिन इसके संचालन में पूरी तरह से लापरवाही बरती जा रही है। शिकायत करने पर पीड़ितों के सामने अपनी गलती मानी गई, लेकिन इसमें सुधार नहीं किया गया। चालान निरस्त नहीं किया गया। इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर, डीजीपी सहित कई उच्चाधिकारियों से की गई है। हर जगह जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया जा रहा है।

जिनको भी चालान से संबंधित शिकायत हो, वह अपने चालान व साक्ष्य के साथ आवेदन कर सकते हैं। उनके तथ्यों की जांच कराई जाएगी। अगर चालान गलत काटा गया होगा तो निरस्त किया जाएगा। दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। - पुर्णेंदु सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त, यातायात 
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