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यूपी में 'मंत्री' बना रहा था फ्रॉड शिक्षामित्र!

Mon, 16 Jun 2014 05:35 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी में एक फर्जी शिक्षामित्र के बड़े कारनामे का पर्दाफाश हुआ है। खुद को सपा के एक बड़े नेता का पीए बताने वाले वीरेंद्र तिवारी नाम के इस फर्जी शख्स ने सपा की एक विधायक तक को टोपी पहना डाली।
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इसने रायबरेली की विधायक आशा तिवारी को मंत्री बनवाने का झांसा देकर 25 लाख रुपये ऐंठ लिए। लखनऊ में सोमवार को एसएसपी ने इस मामले का खुलासा किया।

एसएसपी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि वीरेंद्र आठ साल पहले बाराबंकी के ही गांव सुबेहा में फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर शिक्षा मित्र बन गया था।

इसमें उसकी मदद वहां के ग्राम प्रधान ने भी की थी। उसके बाद से ही वीरेंद्र ने शिक्षा मित्र बनवाने का ठेका ले लिया था।

लखनऊ आकर फैलाया जाल

वीरेंद्र का फर्जीवाड़ा दिन ब दिन बढ़ने लगा और शिकायतों का सिलसिला भी तेज हो गया। इससे घबराकर ग्राम प्रधान ने वीरेंद्र को वहां से हटवा दिया।

इसके बाद वीरेंद्र लखनऊ आया और कानपुर रोड स्थित अपने आवास पर रहने लगा। यहां इसने ट्रैवल एजेंसी का धंधा शुरू किया।

इस तरह, इसका सचिवालय और सरकारी दफ्तरों में आना-जाना शुरू हो गया। यहां भी इसने कई लोगों से सचिवालय में नौकरी दिलवाने, सफाईकर्मी बनवाने का झांसा दिया और पैसे ऐंठ लिए।

पुलिस की नाक में किया दम

जब गोमती नगर की विभूति खंड पुलिस को इस फर्जीवाड़े के बारे में खबर लगी, तो इसकी कुंडली निकाली गई। पता चला, ऐसा ‌ही एक शख्स ताज होटल में बैठकी लगाता है और लोगों को झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठ ‌रहा है।

पुलिस ने दो-तीन बार ताज होटल में दबिश मारी, लेकिन वीरेंद्र का नेटवर्क इतना मजबूत था कि ‌हर बार वह पुलिस के चंगुल से बच निकला।

लेकिन, सोमवार दोपहर पुलिस को गोमती नगर के ट्रैवल इन होटल में इसके होने की खबर लगी। पुलिस वहां पहुंची और आखिरकार वीरेंद्र को गिरफ्तार करने में कामयाब रही।
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बरामदगी ने कर दिया हैरान

एसएसपी के मुताबिक, वीरेंद्र वहां पिछले 10-12 दिनों से ठहरा हुआ था वह भी बिना किसी आईडी प्रूफ के।

पुलिस ने वीरेंद्र के पास से दो कार, एक मोबाइल और आठ अलग-अलग नाम से सिम कार्ड, कई मंत्रियों के नाम के लेटर पैड और सचिवालय में एंट्री कराने के कई फॉर्म भी बरामद किए हैं।

इससे ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि वीरेंद्र सचिवालय के लिए पास बनवाने का भी ठेका लेता था।
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