दोपहर बाद अस्पताल से गायब हुए कई डॉर्क रूम सहायक
अमर उजाला ने विभिन्न जिलों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फर्जी नियुक्ति पत्र से तैनात होने वाले डॉर्क रूम सहायकों के बारे में पड़ताल की। इस दौरान पता चला कि आजमगढ़, अमेठी, इटावा, हरदोई सहित विभिन्न जिलों में कार्यरत डॉर्क रूम सहायक सोमवार दोपहर बाद अचानक गायब हो गए हैं। कई जिलों में सुबह बिना अवकाश लिए ही वे गायब हो गए।
अमर उजाला कार्यालय से कई डॉर्क रूम सहायकों के मोबाइल नंबर पर कॉल की गई तो वे जवाब देने से बचते रहे और अगले ही पल मोबाइल नंबर स्विच ऑफ कर दिया। जबकि प्रकाशित खबर में जिन चयनितों का नाम हैं, उसमें से कई लोग अस्पताल में उपस्थित रहे। बातचीत में दावा किया कि उनके नाम चयनित सूची में हैं। उन्होंने बकायदे सूची में अपना क्रमांक भी बताया। साथ ही पूरे मामले का खुलासा करने के लिए अमर उजाला का आभार भी जताया।
लखनऊ से सर्वाधिक 48 का हुआ था चयन
डॉर्क रूम सहायक की नियुक्ति में सर्वाधिक 48 का गृह क्षेत्र लखनऊ दर्ज है। इसके अलावा 21 का इटावा लिखा गया है,जिसमें 13 लोगों का पता सिर्फ सैफई लिखा हुआ है। इसी तरह नौ का पता मैनपुरी का है। अन्य जिलों से तीन से पांच लोगों का चयन हुआ है।
सात हुए बर्खास्त, फिर भी चुप है स्वास्थ्य विभाग
डॉर्क रूम सहायक के रूप में फर्जी नियुक्ति पत्र पाने वाले सात लोग पूर्व में बर्खास्त किए जा चुके हैं, जबकि एक ने खुद ही नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं खुली। दरअसल एक नाम से दो से तीन लोगों के एक ही जिले में कार्यभार ग्रहण करने के बाद यह सलाल उठा था। उस वक्त असली चयनितों ने अपने जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी से शिकायत की। जिला स्तर पर हुई जांच में फर्जी लाभार्भी अपनी नियुक्ति का प्रमाण पत्र नहीं दे पाए। ऐसे में उन्हें कुछ वक्त बाद बर्खास्त कर दिया गया। लेकिन, पूरी सूची का सत्यापन नहीं किया गया।