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जबरन स्कूल भेजा तो बच्चे ने उड़ा दी बम की अफवाह, स्कूल स्टॉफ हुआ पसीना-पसीना

Thu, 31 Aug 2017 02:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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जांच करते पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
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लखनऊ के कृष्णानगर के कैम्ब्रिज स्कूल में बुधवार सुबह बम रखा होने की फोन कॉल ने पुलिस-प्रशासन के होश उड़ा दिए। पुलिस के साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड, डॉग स्क्वॉयड और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉयड मौके पर पहुंच गया। स्कूल खाली कराकर चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई, लेकिन बम नहीं मिला। जिस मोबाइल नंबर से बम की सूचना दी गई थी, वह स्कूल में ही कक्षा छह के एक छात्र की मां का निकला।
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पुलिस छात्र के घर पहुंची तब पूरी कहानी सामने आई। छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पता चला कि जबरन स्कूल भेजने पर उसने मां के फोन से पुलिस कंट्रोलरूम को कॉल की और स्कूल में बम रखा होने की सूचना दे दी। छात्र को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि सुबह करीब सात बजे एक मोबाइल नंबर से कंट्रोलरूम को फोन कर कैम्ब्रिज स्कूल में बम रखा होने की सूचना दी गई थी। तत्काल कृष्णानगर पुलिस डॉग व बम स्क्वॉयड लेकर इंद्रलोक कॉलोनी स्थित स्कूल पहुंच गई। एटीएस व एसटीएफ को भी बुलवा लिया गया। उस वक्त स्कूल में करीब 600 छात्र-छात्राएं और 30 लोगों का स्टाफ था। असेंबली के बाद बच्चे व स्टाफ कक्षाओं में जा चुके थे। पुलिस ने प्रबंधक नीलिमा दास से संपर्क कर स्कूल में बम रखा होने की सूचना दी तो उनके होश उड़ गए।
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उनसे तत्काल सभी बच्चों और स्टाफ को बाहर करने की बात कहकर पुलिस ने स्कूल को चारों तरफ से सुरक्षा घेरे में ले लिया। प्रबंधक ने बच्चों को बम की जानकारी दिए बगैर छुट्टी की घोषणा करके उन्हें बसों-वैन व अन्य साधनों से घर भेजवा दिया। इस बीच डॉग व बम स्क्वॉयड की मदद से स्कूल की तलाशी ली गई, लेकिन बम नहीं मिला। पुलिस ने दो घंटे तक स्कूल का कोना-कोना खंगाला।

धमकी की जानकारी पर पैरों के नीचे से जमीन खिसकी

- फोटो : amar ujala
जिस मोबाइल नंबर से बम की सूचना देने के लिए कॉल की गई थी, वह एकतानगर के कनौसी निवासी रेलवेकर्मी का निकला। पुलिस टीम रेलवेकर्मी के घर पहुंची तो पता चला कि उक्त फोन नंबर घर पर उनकी पत्नी इस्तेमाल करती हैं। पुलिस ने फोन नंबर से धमकी की जानकारी दी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

पूछताछ में बेटे की शरारत का पता चला। छात्र का कहना था कि वह स्कूल नहीं जाना चाहता था, लेकिन पिता जबरन भेज रहे थे। इसलिए घर का फोन उठाकर पुलिस कंट्रोलरूम का नंबर मिलाया और स्कूल में बम रखा होने की सूचना दे दी।

टीवी सीरियल देख आया फर्जी फोन करने का आइडिया
छात्र ने बताया कि उसने एक टीवी सीरियल में फोन करके फर्जी सूचना देने की कहानी देखी थी। पिता जबरदस्ती स्कूल भेज रहे थे। इस पर उसे लगा कि कुछ ऐसा हो जाए जिससे स्कूल में छुट्टी करनी पड़े। बारिश नहीं हुई तो उसके दिमाग में पुलिस को फोन कर स्कूल में बम रखा होने की फर्जी सूचना देने का आइडिया आया।

उसने चुपके से मां का फोन उठाकर पुलिस कंट्रोलरूम को सूचना दी और मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। एसओ अंजनी पांडेय ने बताया कि मोबाइल फोन स्विच ऑफ होने के चलते ही सूचना देने वाले तक पहुंचने में देर हो गई।

स्कूल पहुंचकर किया पुलिस का इंतजार, देखता रहा एक-एक गतिविधि
छात्र स्कूल पहुंचा तब तक पुलिस वहां नहीं आई थी। वह असेंबली में गया तब भी पुलिस के इंतजार में गेट की तरफ ही देखता रहा। असेंबली के बाद पुलिस स्कूल गेट पर पहुंच गई। इस दौरान छात्र पुलिस व स्कूल प्रबंधक की एक-एक गतिविधि देखता रहा।
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छात्र के घर पहुंची पुलिस और घेर लिया आसपास का इलाका

- फोटो : amar ujala
पुलिस फोर्स छात्र के घर पहुंची और आसपास का इलाका घेर लिया। कॉलोनी के लोगों में दहशत फैल गई। पुलिस ने छात्र के माता-पिता से मोबाइल से की गई कॉल के बारे में पूछताछ शुरू की तो वह घबरा गए। माता-पिता ने फोन कॉल के बारे में जानकारी से इन्कार किया।

उन्होंने बताया कि तीन बेटे व एक बेटी में चौथे नंबर का बेटा कैम्ब्रिज स्कूल में ही पढ़ता है। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो घबराकर सच कुबूल लिया। पुलिस ने कहा कि उसकी गलती की वजह से माता-पिता को जेल जाना पड़ सकता था। इसके बाद पिता ने बेटे की जमकर क्लास लगाई। इस पर सहमे हुए छात्र ने माफी मांगी।

चौकीदार ने शोर मचाया तो रोने लगे बच्चे
स्कूल प्रबंधन ने बम की सूचना को बच्चों को नहीं बताया लेकिन अचानक फोर्स व अफरा-तफरी मची देख चौकीदार प्रमोद कुमार के मुंह से बम की बात निकल गई। उसने बम का शोर मचा दिया तो बच्चों में दहशत फैल गई। कई छोटे बच्चे रोने लगे। शिक्षकों ने किसी तरह बच्चों को संभाला।

टेस्ट की तैयारी के लिए छुट्टी की बात कहकर बच्चों को समझाया
बम की खबर से बच्चों के चेहरे सफेद पड़ गए थे। कई टीचर भी पसीना-पसीना हो रहे थे। हालांकि, पुलिस ने घबराने जैसी कोई बात न होने की जानकारी देते हुए हिम्मत बंधाई। इस बीच प्रबंधक ने कहा कि बच्चों के टेस्ट हैं जिसकी तैयारी के लिए एक दिन की छुट्टी दी जा रही है। इसके बाद बच्चों ने राहत महसूस की।
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