फैजाबाद जिले की एक बेटी का लेखिका बनने का सपना उसके संघर्षों से साकार हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवोदित लेखिका अवंतिका चंद्रा की पहली कृति हमनवा उपन्यास को ट्वीट कर सम्मान दिया है।
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अवंतिका चंद्रा
- फोटो : amar ujala
अंवतिका का कहना है कि उसे कोई प्रकाशक नहीं मिला, बहुत दौड़ भाग की फिर भी कोई छापने को तैयार नहीं हुआ। अंत में कंप्यूटर से प्रिंट निकालकर किताब की शक्ल दी। जिलाधिकारी विवेक ने छह माह पहले इसका लोकार्पण किया। एक प्रति प्रधानमंत्री तक भेजी, जहां से सम्मान पाकर वह अभिभूत है।
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अवंतिका चंद्रा
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जिले के सोहावल तहसील अंतर्गत वीरभानपुर गांव निवासी गनेश चंद्रा व शिक्षिका सुमन चंद्रा की पुत्री अवंतिका बचपन से ही होनहार है। शहर के सहादतपुरा में भी आवास है, जहां से रहकर हाइस्कूल तक की शिक्षा टायनी टॉट्स व इंटर की शिक्षा रिश्तेदारी में बस्ती से की थी। लखनऊ विश्वविद्यालय से बीजेएमसी व एमजेएमसी करने के साथ लेखन शुरू किया।
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अवंतिका चंद्रा
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अवंतिका कहतीं हैं कि हमनवा उपन्यास में कल्पनाओं पर आधारित रोमांटिक जीवन के क्षणों को समेटे हुए है। इसके प्रकाशन को लेकर वह कई शहरों में प्रकाशकों से मिली, लेकिन कोई छापने को तैयार नहीं हुआ। अंतत: हिम्मत नहीं हारी, कंप्यूटर से प्रिंट निकालकर उपान्यास हमनवा को शक्ल दे दी। इसका लोकार्पण डीएम विवेक ने 26 नवंबर 2016 को सभागार में किया था। हर कदम पर साथ दिया मेरी प्रेरणाश्रोत मेरी मम्मी सुमनचंद्रा ने, जो जूनियर हाई स्कूल अरकुना सोहावल में अध्यापिका हैं।
अवंतिका का कहना है कि वह लघुकथा लिख रही हैं, जिसमें 10 कहानियों का संकलन होगा। कहा कि वह भविष्य में लेखिका बनने के साथ शिक्षक बनना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ाव के सवाल पर कहा कि उनसे ट्वीटर की जरिए बात होती है। हमारी रचना पढ़कर जो सम्मान मोदी जी ने दिया है, उससे आगे बढ़ने को लेकर साहस और प्रेरणा और दृढ़ हुई है।