लखनऊ। शायर फैज अहमद फैज की मशहूर नज्में और गजलें नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से शनिवार को मंच पर उतरीं। संगीतमयी प्रस्तुतियों के साथ ही अजय जैन और गुंजन जैन ने इसे अपनी बेहतरीन अदाकारी से और भी खास बना दिया। मौका था बफ्टा की ओर से संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में चल रहे तीन दिवसीय नाट्य उत्सव के दूसरे दिन का। इस दौरान फैज अहमद फैज पर आधारित दास्तान हम देखेंगे... के अलावा नाटक अगरबत्ती का भी मंचन किया गया।
शुभम तिवारी के निर्देशन में फैज की गजलों और नज्मों के साथ ही दास्तानगोई की परंपरा को बेहतरीन कलेवर में मंच पर उतारा गया। शायर फैज के जीवन के कई पहलुओं को बड़ी बारीकी से दिखाया गया जिसमें रूमानियत के साथ ही उनकी क्रांतिकारी सोच भी दिखी। भोपाल से आए ग्रुप में रंगकर्मी आशीष पाठक के लिखे नाटक अगरबत्ती ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए। इन नाटक में 1981 में बीहड़ में हुए बेहमई कांड को मंच पर उतारा गया। चंबल इलाके की महिलाओं के संघर्ष, उनकी पीड़ा और न्याय पाने को लेकर उनकी जद्दोजहद भी दिखाई दी जिसे दर्शकों से खूब सराहना मिली। इस अवसर पर बफ्टा के संस्थापक तारिक खान, अध्यक्ष डॉ. अफरोजजहां, रंगकर्मी जावेद सिद्दीकी, वरिष्ठ निर्देशक सलीम आरिफ, अनिल रंजन भौमिक आदि मौजूद रहे।
नाटक अगरबत्ती का मंचन किया गया।
नाटक अगरबत्ती का मंचन किया गया।
नाटक अगरबत्ती का मंचन किया गया।
नाटक अगरबत्ती का मंचन किया गया।
नाटक अगरबत्ती का मंचन किया गया।