ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के चेयरमैन अनिल डी. सहत्रबुद्धे ने कहा है कि इंजीनियरिंग कॉलेजों-संस्थानों में पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए छह महीने का फैकल्टी ट्रेनिंग प्रोग्राम (एफटीपी) अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना नए शिक्षकों का कन्फर्मेशन नहीं होगा।
एकेटीयू के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए एआईसीटीई चेयरमैन ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहले से पढ़ा रहे शिक्षकों को भी यह करना होगा। इसके लिए उन्हें पांच साल का समय दिया जाएगा। बिना एफटीपी उनका प्रमोशन नहीं होगा।
देखने में आया है कि एमटेक के बाद सीधे शिक्षक बन जाते हैं। ऐसे में उन्हें पढ़ाने की नई तकनीकी और अन्य चीजों की बेहतर जानकारी नहीं होती। एआईसीटीई द्वारा विकसित इस प्रोग्राम में उन्हें बेहतर तरीके से ट्रेंड किया जाएगा। इसे सत्र 2018-19 से अनिवार्य किया जाएगा।
इसके साथ ही नवप्रवेशित विद्यार्थियों का तनाव कम करने के लिए शुरूआत में तीन हफ्ते का इंडक्शन प्रोग्राम होगा। इसमें विद्यार्थी सुबह योगा करेंगे तो शाम को वह मूवी देखेंगे। दिन में वह गेम खेलेंगे और पिकनिक पर जाएंगे।
सहत्रबुद्धे ने कहा कि विद्यार्थियों के इनोवेटिव आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए छात्र विश्वकर्मा अवार्ड, स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए क्लीन, ग्रीन एंड स्मार्ट कैंपस अवार्ड, स्टार्टअप अवार्ड शुरू किया गया है। इंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए 3-4 कोर्स शुरू किए गए हैं। इस क्रम में कॉलेजों में 200 इनक्यूबेटर्स खोले जा चुके हैं।