50 रुपये में अकाउंट और साथ में एटीएम कार्ड। कार्ड भी ऐसा, जिससे डाकघर या दूसरे बैंकों से पैसा निकालने पर न कोई चार्ज और न ही ट्रांजेक्शन की लिमिट। यानी किसी भी बैंक से पैसा निकालिए, कितनी भी बार, कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं।
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एटीएम की न वार्षिक फीस है और न ही खाते में न्यूनतम बैलेंस रखने का झंझट। यह कोरी कल्पना नहीं, बल्कि डाकघर से उपभोक्ताओं को दी जानी वाली सुविधा है, जो बैंकों पर भारी पड़ रही है।
राजधानी के पोस्ट ऑफिसों में खाता खुलवाने पर एटीएम के साथ चेक बुक मिल रही है। एटीएम से अन्य बैंकों से भी पैसा निकाला जा सकता है। निजीकरण के इस युग में जब बैंक एटीएम से लेकर चेकबुक और ट्रांजेक्शन तक पर चार्ज लगाते हैं, डाकघरों के एटीएम कार्ड वरदान साबित हो रहे हैं।
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हालांकि, डाकघरों में खाता खुलवाने को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी है, जिसके लिए अभियान चलाए जाने की जरूरत है। इसके लिए योजना बनाई जा रही है। जीपीओ के डाक अधिकारी बताते हैं कि देशभर में 1,50,000 शाखाएं हैं, जिसमें से 1,30,000 शाखाएं सिर्फ ग्रामीण इलाकों में हैं।
ऐसे खुलेगा अकाउंट
पोस्ट आॅफिस का एटीएम
- फोटो : amar ujala
इतना ही नहीं 23,091 पोस्ट ऑफिस कोर बैंकिंग सर्विस से जोड़े जा चुके हैं, जिसके तहत डाक विभाग ने 968 एटीएम लगाए गए हैं जबकि जीपीओ, चौक, इंदिरानगर, आलमबाग, अलीगंज सहित राजधानी में 127 डाकघर व उप डाकघर है, जिससे दस लाख से अधिक उपभोक्ता जुड़े हुए हैं।
इतना ही नहीं एक ओर जहां डाकघरों से बने एटीएम दूसरे बैंकों के एटीएम में इस्तेमाल किए जा सकते हैं, वैसे ही अन्य बैंक डाकघर के एटीएम से पैसा निकाल सकते हैं। हालांकि, उन पर ट्रांजेक्शन के दौरान बैंकों के नियम लागू होंगे।
जीपीओ के चीफ पोस्टमास्टर ने बताया कि डाकघरों में खाता खुलवाने के लिए न्यूनतम 50 रुपये जमा करने होंगे। साथ में आधार कार्ड, पैन व दो फोटो देनी होंगी। खाता खुलने के बाद एटीएम कार्ड उपभोक्ता को दे दिया जाता है, लेकिन चेकबुक के साथ खाता खुलवाना है तो पांच सौ रुपये न्यूनतम जमा करने होंगे। एक दिन में अधिकतम 25 हजार रुपये निकाले जा सकते हैं।
फिलहाल डाकघर में खाता खुलवाने पर मोबाइल व इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही है, लेकिन टेक्नोलॉजी के इस दौर में बैंकों को कड़ी प्रतिस्पर्धा देने के लिए डाक विभाग जल्द ही मोबाइल बैंकिंग व इंटरनेट बैंकिंग सुविधा शुरू करने जा रही है, जो अंतिम चरण में है।
एक ओर बैंक हैं, जो खाते में पांच हजार रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक न्यूनतम बैलेंस रखने के लिए दबाव डालते हैं, वहीं दूसरी तरफ डाकघर हैं, जो सिर्फ 50 रुपये में खाता खोलते हैं और न्यूनतम बैलेंस के लिए कोई दबाव नहीं। इससे गरीबों व किसानों को खासतौर पर लाभ मिल रहा है। डाकघर के सेविंग्स अकाउंट पर चार प्रतिशत की दर से ब्याज भी मिलता है।
आंकड़े-
- 50 रुपये में खुलेगा डाकघर का खाता
- 127 डाकघर व उपडाकघर हैं राजधानी में
- 10 लाख से अधिक डाक विभाग के हैं उपभोक्ता
- 25 हजार रुपये अधिकतम एक दिन में निकाले जा सकते हैं एटीएम से
- 7 एटीएम हैं डाक विभाग के राजधानी में
‘सिर्फ 50 रुपये में डाकघर में खाता खुलवाने पर एटीएम कार्ड मिल जाता है, जिसे दूसरे बैंकों में इस्तेमाल कर सकते हैं और इसके लिए कोई भी ट्रांजेक्शन चार्ज नहीं है। न ही कार्ड का वार्षिक शुल्क और न ही ट्रांजेक्शन की लिमिट। दूसरे बैंकों से चाहें जितनी बार ट्रांजेक्शन करें। न्यूनतम बैलेंस रखने का भी कोई दबाव नहीं।’ - आरके प्रसाद, चीफ पोस्टमास्टर, जीपीओ