आगरा एक्सप्रेस-वे पर रविवार आधी रात को दिल्ली से लखनऊ आ रही स्कैनिया बस में सवार मृदुल नैथानी को मौत छूकर निकल गई। वह खुशनसीब थे कि बस के टकराने के बाद उनके पास का शीशा टूट गया और कूदकर उन्होंने जान बचा ली।
मालूम हो दिल्ली से लखनऊ आ रही आलमबाग बस टर्मिनल की स्कैनिया बस रविवार देर रात आगरा एक्सप्रेस-वे पर हादसे की शिकार हो गई। इसमें राजाजीपुरम के सी-188 निवासी डॉ. ज्योति निर्वाण (38) बेटी निति के साथ सवार थीं। दुर्घटना में मां-बेटी की मौत हो गई।
इंदिरानगर निवासी मृदुल ने मंगलवार को हादसे का आंखों देखा मंजर परिवहन अफसरों को बयां किया। क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव कुमार बोस के मुताबिक मृदुल ने बताया कि वह बस की 16 नंबर सीट पर बैठे थे, लेकिन हादसे से 10 मिनट पहले ही 15 नंबर सीट पर बैठ गए।