अगर कोई बड़ी अचड़न न आई तो गांधी जयंती पर 2 अक्तूबर से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर वाहन दौड़ने लगेंगे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी एक्सप्रेसवेज एंड इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) को 30 सितंबर तक काम पूरा कराने के दिए निर्देश दिए हैं।
इसके बाद यूपीडा ने एक्सप्रेस-वे के निर्माण में जुटी कार्यदायी एजेंसियों पर तेजी से काम कराने का दबाव बढ़ा दिया है। सितंबर तक गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल और चार रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का काम पूरा कराना यूपीडा के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।
इस परियोजना को समय से पूरा कराने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाले प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) को प्रगति की नियमित निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है।
लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 302 किलोमीटर लंबा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है।
यूपीडा व निर्माण से जुड़ी एजेंसियों पर बढ़ा दबाव
इस परियोजना को विधानसभा चुनाव से पहले पूरा कराने के लिए के लिए शासन ने पहले से ही पूरी ताकत लगा रखी है लेकिन अब मुख्यमंत्री ने 2 अक्तूबर को इस एक्सप्रेस-वे पर वाहन चलाने की इच्छा जाहिर करके यूपीडा व निर्माण से जुड़ी एजेंसियों पर दबाव बढ़ा दिया है।
यूपीडा के सूत्रों के अनुसार एक्सप्रेस-वे की 180 किलोमीटर सड़क पक्की करा दी गई है और कोशिश है कि जून में बरसात शुरू होने से पहले कम से कम 250 किलोमीटर सड़क पक्की हो जाए।
शेष सड़क बरसात के बाद पक्की कराने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब मानसून के दौरान भी काम जारी रखने की तैयारी है।
सूत्रों का कहना है कि तय समयसीमा में सड़क का निर्माण तो पूरा हो जाएगा लेकिन पुलों और आरओबी आदि को लेकर थोड़ी समस्या आ सकती है। कुछ आरओबी के लिए अभी रेलवे से भी मंजूरी मिलनी बाकी है।
जल्द से जल्द क्लीयरेंस देने का किया जा रहा है अनुरोध
रेलवे से संपर्क कर जल्द से जल्द आरओबी के लिए क्लीयरेंस देने का अनुरोध किया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे पर एक दर्जन से ज्यादा बड़े पुल, 50 से ज्यादा छोटे पुल, चार आरओबी, कई इंटरचेंजर व अंडरपास भी बनवाए जा रहे हैं।
ये सारे काम 15 सितंबर तक पूरा कराने पर जोर है ताकि 30 सितंबर तक एक्सप्रेस-वे को फिनिशिंग टच देकर वाहनों के दौड़ने लायक बनाया जा सके।
इस पर यूपीडा के सीईओ नवनीत सहगल का कहना है कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को 30 सितंबर तक पूरा कराने की कोशिश की जा रही है। प्रयास है कि 2 अक्तूबर से एक्सप्रेस-वे पर वाहन दौड़ने लगें। गंगा नदी पर पुल बनाने का काम काफी तेजी से चल रहा है। आरओबी के लिए रेलवे से क्लीयरेंस लेने की प्रक्रिया चल रही है।