लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा में प्रयोगात्मक परीक्षा में मार्गदर्शन के लिए मंडलीय शिक्षा संयुक्त निदेशक कार्यालय की ओर से रविवार को हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई। इसमें इंटरमीडिएट (यूपी बोर्ड) की होने वाली प्रायोगिक परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को अच्छे अंक दिलाने के लिए परामर्श दिया गया। जेडी सुरेंद्र कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी, दिनेश कुमार ने इसका संचालन किया। इस मौके पर उप शिक्षा निदेशक विभा मिश्रा और जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह की उपस्थिति रही। रविवार को पूरे प्रदेश के विज्ञान वर्ग के 568 परीक्षार्थियों ने संपर्क करने का प्रयास किया और लगभग 205 परीक्षार्थियों ने अपने मुख्य प्रायोगिक विषय भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व जीव विज्ञान के प्रैक्टिकल की शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। विशेषज्ञों की टीम ने विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान करने के साथ ही प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
ये रहे विशेषज्ञ
रसायन विज्ञान : डॉ. दिनेश कुमार, मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी, डॉ. मंजुषा श्रीवास्तव, प्रवक्ता आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज लखनऊ
भौतिक विज्ञान : डॉ. अरविंद कुमार वर्मा, प्रवक्ता, राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज
जीव विज्ञान: श्रीश तिवारी, प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज
एक्सपर्ट ने दिए ये महत्वपूर्ण टिप्स
रसायन विज्ञान
- किसी भी केमिकल को हाथ से नहीं छूना चाहिए।
- टेस्ट ट्यूब को गर्म करते समय इसका मुंह अपने से दूर रहना चाहिए।
- किसी भी केमिकल को चखना नहीं चाहिए।
- रिएजेंट्स को बोतलों में बंद रखना चाहिए।
- ज्वलनशील पदार्थ (अल्कोहल) को ज्वाला से दूर रखना चाहिए।
- एसिड में कभी भी पानी नहीं डालना चाहिए। हमेशा पानी में एसिड मिलाना चाहिए ।
- केमिकल को हथेली पर नहीं रखना चाहिए।
- रिएजेंट्स की बोतलों को हमेशा क्रम में ही रखना चाहिए।
- रिएजेंट्स को आवश्यक मात्रा में ही प्रयुक्त करना चाहिए।
- प्रयोगशाला में लैब कोट पहनकर ही प्रयोग करना चाहिए।
- प्रयोग करते समय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए, कुछ खाना-पीना नहीं चाहिए एवं अपने हाथों को मुंह पर नहीं लगाना चाहिए।
भौतिक विज्ञान
- प्रयोग को निम्नलिखित बिंदुओं के तहत लिखना चाहिए
1. उद्देश्य 2. आवश्यक उपकरण 3. सिद्धांत 4. प्रेक्षण 5. गणना 6. परिणाम 7. सावधानियां
- आवश्यकतानुसार किरण आरेख या परिपथ आरेख बनाना चाहिए।
- ग्राफ बनाते समय उचित पैमाना मानना चाहिए।
- परिणाम लिखते समय मात्रक अवश्य लिखना चाहिए।
- प्रयोग से संबंधित प्रश्नों के उत्तर का अभ्यास करना चाहिए।
जीव विज्ञान
- परीक्षार्थी सत्रीय कार्य की फाइल निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार अवश्य बनाएं। इसका निरीक्षण बाह्य परीक्षक द्वारा किया जाएगा।
- परीक्षार्थियों को एक आंतरिक प्रयोगात्मक परीक्षा देनी होगी, जिसमें उत्तर पुस्तिका में दो प्रयोग लिखने होंगे।
- बाह्य प्रयोगात्मक परीक्षा में उत्तर पुस्तिका में एक स्लाइड निर्माण करते हुए व्याख्या करनी होगी एवं 3 जंतु विज्ञान व 3 वनस्पति विज्ञान के स्पॉट लिखने होंगे।
- प्रयोग साफ सुथरे चित्र के साथ लिखे तथा समस्त प्रयोगों में नियम या सिद्धांत की व्याख्या अवश्य करें।
- स्पॉटिंग में सबसे पहला बिंदु ‘पहचान का कारण एवं स्पॉट का नाम’ अंकित करें व वर्गीकरण तथा अधिकतम 4 से 5 लाइन लिखें।
- मौखिकी के समय बाह्य परीक्षक के सामने घबराएं नहीं एवं धैर्यपूर्वक उत्तर दें।