गौरीगंज (अमेठी)। पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत रविवार को जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी/पीएचसी समेत 892 बूथों पर शून्य से पांच वर्ष तक के एक लाख 71 हजार 708 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। जिला अस्पताल में एडीएम न्यायिक ने तो बूथों पर नामित अधिकारियों ने सुबह दस बजे बच्चों को खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
शासन के निर्देश पर पोलियो जैसी घातक बीमारी को समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य महकमे की ओर से रविवार को पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान चलाया गया। अभियान में शून्य से पांच वर्ष तक 3,12,197 बच्चों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा पिलाने के लिए चिह्नित किया गया है।
अभियान को सफल बनाया जा सके इसके लिए रविवार को बूथ दिवस के मौके पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए संयुक्त जिला अस्पताल, सीएसची व पीएचसी समेत कुल 892 बूथ बनाए गए थे। बूथ पर ज्यादा से ज्यादा बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए शिक्षा महकमे की ओर से टीमें गठित की गई थीं।
इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों व डेरा भट्ठों पर पोलियो की खुराक पिलाने के लिए 26 मोबाइल व 23 ट्रांजिट टीमों का गठन किया गया था। बावजूद इसके रविवार को दिन भर चले अभियान में एक लाख 71 हजार 708 बच्चों को ही पोलियो की खुराक पिलाई जा सकी।
रविवार को मलिक मोहम्मद जायसी संयुक्त जिला चिकित्सालय में एडीएम न्यायिक सुधीर कुमार रूंगटा ने नवजात को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि रविवार को पोलियो ड्रॉप से वंचित बच्चों को सोमवार से शनिवार तक टीम दवा पिलाने के लिए डोर-टू-डोर पहुंचेगी।
अभियान की क्रॉस चेकिंग के लिए खंड शिक्षाधिकारी के साथ सीडीपीओ व आंगनबाड़ी सुपरवाइजर की ड्यूटी लगाई गई है। सीएमओ ने बताया कि अभियान में सभी घरों तक पहुंच कर शत-प्रतिशत बच्चों को पोलियो खुराक पिलाई जाएगी। डोर-टू-डोर अभियान में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।