डॉ. हरदीप सिंह
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अगर बच्चों में खसरे की बीमारी का वायरस ठीक होने बाद भी छूट गया तो सावधान हो जाएं। यह वायरस कुछ साल बाद बीमारी बनकर उभरता है।
इसमें दिमागी कमजोरी, मिर्गी के दौरे पड़ना, हाथ में कंपन होने जैसी समस्याएं आती हैं। इनका इलाज संभव नहीं हो पाता है। ऐसे में खसरे की बीमारी ठीक होने बाद भी जांच कराएं ताकि पता चल सके कि वायरस का अंश बचा तो नहीं है।
यह जानकारी केजीएमयू के न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ. हरदीप सिंह ने दी। डॉ. हरदीप ने बताया कि 12 से 14 प्रतिशत मरीजों में ऐसे मामले सामने आए हैं।
डॉ. दिनकर कुलश्रेष्ठ
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लोहिया संस्थान के डॉ. दिनकर कुलश्रेष्ठ ने बताया कि रेबीज का वायरस 20 साल बाद भी अटैक कर सकता है। अमूमन लोगों का मानना है कि पालतू जानवर में रेबीज का खतरा नहीं होता है।
जानवर की लार में भी रेबीज होता है। कुत्ता अगर काटे तो उस पर मिर्च बिल्कुल न लगाएं, जख्म को अच्छी तरह से धोएं। फौरन फिजिशयन से संपर्क करके वैक्सीन लगवाएं।