मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को युवा कार्यकर्ताओं की नारेबाजी के बीच जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट का उद्घाटन किया। इस मौके पर युवाओं की भीड़ उमड़ी लेकिन सीएम कुछ बोले नहीं।
युवाओं का कहना है कि सीएम बिना बोले ही सब कुछ कह गए। इस मौके पर सपा से निष्कासित नेताओं समेत नौ मंत्री व करीब 20 विधायक मौजूद रहे।
सपा मुख्यालय के पीछे 7, बंदरिया बाग बंगला स्थित जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के कार्यालय में मुख्यमंत्री ने समाजवादी चिंतक जनेश्वर मिश्र के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद बंद कमरे में ट्रस्ट की बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक के बाद वे उस पंडाल में पहुंचे जहां कार्यकर्ताओं के बैठने की व्यवस्था थी। सीएम अगली पंक्ति में बैठे लोगों से मिले और फिर मंच पर बैठ गए।
युवाओं को उम्मीद थी कि सीएम कुछ बोलेंगे लेकिन साउंड सिस्टम की व्यवस्था न होने से साफ हो गया कि उन्होंने पहले से ही चुप्पी साधे रखने का मन बना लिया था।
ट्रस्ट का काम देखेगी यूथ ब्रिगेड
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
समारोह में सपा से निष्कासित एमएलसी व युवा नेताओं समेत सीएम की पूरी यूथ ब्रिगेड मौजूद रही। कार्यक्रम में सपा से निष्कासित एमएलसी सुनील यादव साजन, संजय लाठर, आनंद भदौरिया समेत वे सभी नेता भूमिका में दिखे जिन्हें नोटिस जारी किए गए हैं या जिनके इस्तीफे स्वीकार हो चुके हैं।
एक तरह से सीएम ने संदेश दे दिया कि भले ही पार्टी ने इन नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया हो लेकिन वे उनके करीब हैं। निष्कासित नेता ट्रस्ट में भी हैं।
उद्घाटन समारोह में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव व उनके नजदीकी लोगों की गैरमौजूदगी भी बहुत कुछ बयां कर गई।
युवा संगठन के एक नेता का कहना है कि सीएम ने पार्टी के मौजूदा हालात और यूथ नेताओं के निशाने पर आ जाने के बाद युवाओं को एकजुटता का संदेश दे दिया है।
एमएलसी संजय लाठर ने मीडिया से बातचीत में सीएम से अपील की कि वे सपा और युवा कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए रथयात्रा शुरू कर दें। आम जनता उन्हें अपने बीच देखना चाहती है।