भाजपा की प्राथमिक इकाई से लेकर केंद्रीय मंत्री तक सफर तय करने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेता महाराष्ट्र के राम नाइक उत्तर प्रदेश का राज्यपाल बनने को अपना सौभाग्य मानते हैं।
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कहते हैं कि उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के रूप में केंद्र और राज्य सरकार के बीच सेतु का काम करेंगे, जिससे उत्तर प्रदेश की सामाजिक व शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो।
पर्यावरण व प्रदूषण से प्रदेश को मुक्ति दिलाने का काम सरल हो जाए। प्रदेश तेजी से विकास के मार्ग पर बढ़े। उन्होंने कहा कि नदियों की सफाई भी उनकी प्रमुख चिंता है।
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ये होगी राम नाइक की नई भूमिका
सोमवार रात ‘अमर उजाला’ ने उनसे फोन पर नई भूमिका के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘2013 में ही चुनावी राजनीति से दूर रहने का ऐलान कर चुका था। इसलिए राजनीतिक सक्रियता पर बंधन जैसी बात नहीं है।'
उन्होंने कहा, 'पार्टी ने संगठनात्मक और जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी से इतर राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद का दायित्व सौंपा है। मैं जानता हूं कि यह चुनौती है लेकिन चुनौती व्यक्ति के लिए अवसर भी होती है और मैं इसे अवसर मानता हूं।’
खास सवालों के सधे जवाब
राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेता को राज्यपाल का पद कैसा लगेगा? मेरे अपने फैसले तो 1964 में उसी दिन बंद हो गए थे, जब अटल बिहारी वाजपेयीजी के कहने पर मैंने अपनी नौकरी व जमा-जमाया काम छोड़कर जनसंघ का झंडा थामा था।
उस दिन से मेरे बारे में सारे फैसले संगठन ने किए हैं। संगठन ने अब मुझे नई तरह की जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है। इसे भी पूरी निष्ठा से निभाऊंगा।
मेरे लिए यह सौभाग्य की बात इसलिए भी है कि अटलजी जैसे नेता के शहर व प्रदेश में मुझे राज्यपाल की भूमिका सौंपी जा रही है।
ऐसा नहीं है कि राज्यपाल रहते हुए व्यक्ति कुछ कर नहीं सकता। बहुत सारे काम हैं, जिन्हें किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश आ रहा हूं। ईश्वर की कृपा रही तो देखिएगा।
यूपी में राज्यपाल काफी काम कर सकता है
यहां कई चुनौतियां आपका इंतजार कर रही हैं? मुझे मालूम है कि उत्तर प्रदेश में इस समय कानून-व्यवस्था बड़ी चिंता है, पर यह ऐसी समस्या नहीं है जिसका समाधान नहीं है।
केंद्र व राज्य सरकार के बीच सेतु की भूमिका निभाकर इस दिशा में काफी कुछ किया जा सकता है। कानून-व्यवस्था के अलावा शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में राज्यपाल काफी काम कर सकता है।
बेरोजगारी की समस्या का समाधान भी केंद्र व राज्य सरकार की मिलीजुली ताकत से हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा सहित नदियों को सदानीरा और अविरल प्रवाह वाली बनाने की घोषणा की है।
इस दिशा में भी केंद्र व राज्य सरकार मिलकर अच्छा काम कर सकती हैं। सहयोग से सारी समस्याएं निपट सकती हैं। राज्यपाल के रूप में मैं इस भूमिका का सार्थक निर्वाह करूंगा।
हिंदी भाषियों का हमेशा रहा समर्थन
महाराष्ट्र व उत्तर प्रदेश के रिश्तों पर कोई भूमिका रहेगी? मैं समझ गया। आप हिंदी भाषियों और उत्तर भारतीयों के साथ घटी घटनाओं के बारे में बात कर रहे हैं। मैं स्पष्ट कर दूं कि ऐसा नहीं है।
जिस क्षेत्र से मैं पांच बार सांसद निर्वाचित हुआ, तीन बार विधायक हुआ, वहां उत्तर प्रदेश के लोगों व हिंदी भाषियों की काफी संख्या है। सभी का समर्थन मेरे साथ रहा।
तभी तो 1999 में मैं महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा वोटों से जीता। इस बार मैंने गोपाल शेट्टी को चुनाव लड़ाया। वे भी महाराष्ट्र में अन्य प्रत्याशियों के मुकाबले सबसे ज्यादा वोटों से जीते।
मैं उत्तर प्रदेश पहले भी जाता रहा हूं। उत्तर प्रदेश के बहुत सारे लोग महाराष्ट्र में हैं। राज्यपाल के रूप में भी मेरा यही प्रयास होगा कि ये रिश्ते और प्रगाढ़ हों।