लखनऊ। पर्वतीय महापरिषद की ओर से चल रहे उत्तरायणी कौथिग के दूसरे दिन कई प्रतियोगिताएं हुईं। कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान जमकर पहाड़ी रंग बरसा। शाम को पूर्व सैनिकों के लिए सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि मेजर जनरल गोपाल कृष्ण थपलियाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर सायंकालीन सत्र का उद्घाटन किया। सेना दिवस के अवसर पर मेले में पूर्व सैनिकों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर वीरचंद्र सिंह गढ़वाली सम्मान अमर शहीद नैन सिंह नायक को दिया गया। वे 1965 में भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए थे। उस समय उनकी पत्नी गर्भवती थीं। यह सम्मान उनकी पुत्रवधू चंपा मेहरा ने ग्रहण किया। सम्मान स्वरूप उन्हें प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र व पुष्पगुच्छ भेंट किया गया। इस अवसर पर मुख्य संयोजक टीएस मनराल, संयोजक केएन चंदोला, अध्यक्ष गणेश चंद्र जोशी व महासचिव महेंद्र सिंह रावत मौजूद रहे।
इससे पूर्व दिन के आयोजनों की शुरुआत कवि सम्मेलन से हुई। कौस्तुभ आनंद चंदोला के संचालन में हुए कवि सम्मेलन में जर्मनी से आईं कवयित्री राधा बिष्ट, डाॅ. पूर्णिमा पांडेय, महेश चंद्र सकलानी, भुवन पंत, चेतन कांडपाल, नारायण पाठक, दीपा सनवाल, राधा बिष्ट, मनमोहन बाराकोटी, हरीश लोहमी, गोपाल जोशी, महेंद्र पंत, जीसी बहुगुणा और भुवन आदि काव्यपाठ किया। इसके बाद एकल गायन प्रतियोगिता में तीन से आठ वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों में अनायशा जैन प्रथम, दीवान आनंद द्वितीय व आराधना शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं। नौ से 13 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों में सारा आनंद प्रथम, देवेंद्र सिंह द्वितीय व हर्षिता कांडपाल तृतीय रहीं। 13 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में ललिता जोशी को प्रथम, नम्रता मित्रा (द्वितीय) व फाल्गुनी लोहमी (तृतीय) रहे।
उत्तराखंड से आए दल ने मोहा मन
मेले में शगुन आखर के साथ...दैणा हो जाया खोली का गणेशा हे....के साथ सांस्कृतिक आयोजनों की शुरुआत हुई। उत्तराखंड से आए राजेंद्र मेहता के श्रीपूर्णागिरी देवभूमि उत्थान समिति खटीमा, उधम सिंह नगर से आए दल ने सभी का दिल जीत लिया। पर्वतीय महापरिषद गोमतीनगर के कलाकारों ने दूर बड़ी दूर बर्फीलो डांना... पर शानदार प्रस्तुति दी। बहादुर सिंह और महेंद्र सिंह के दल ने छिपका केदार नगाडा जारा जिबली... से देवी-देवताओं का आह्वान करते हुए नृत्य प्रस्तुत किया।