लॉरी में स्ट्रेचर-व्हीलचेयर तक आसानी से नहीं मिल रही
लखनऊ। केजीएमयू की लॉरी में मरीजों को स्ट्रेचर-व्हीलचेयर तक आसानी से नहीं मिल पा रही है। कोई गोद में उठाकर तो कोई कंधा देकर मरीज को ओपीडी-इमरजेंसी तक ले जा रहा है। इसके बावजूद अफसर इंतजाम पुख्ता होने का दावा कर रहे हैं। शनिवार को लॉरी की पड़ताल की गई तो सच सामने आया।
रायबरेली से कुसुमा सुबह ओपीडी में दिखाने आईं थी। उन्हें टोकन नंबर 298 मिला था। वह ओपीडी के गेट पर नंबर का इंतजार कर रही थीं। उनके पति ने बताया कि सुबह सात बजे आ गए थे। दाेपहर एक बजे तक नंबर नहीं आया। मरीज की हालत गंभीर होने पर उसे जमीन पर लिटाया था।
उन्नाव की वृद्धा मुहाना को सीने में दर्द की शिकायत होने पर परिजन लॉरी इमरजेंसी ले गए। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज दिया। जांच के नमूने परिजनों को देकर मरीज को बाहर कर दिया। वृद्धा को परिजन गोद में उठाकर सामने बने रैन बसेरे में ले गए। दर्द के चलते वह कुर्सी में बैठ नहीं पा रही थीं। उन्हें रैन बसेरे में जमीन पर लिटा दिया। उनके बेटे ने बताया कि डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट के बाद भर्ती करने की बात कही है।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के अनुसार लारी में जो समस्याएं सामने आ रही है। उनका समाधान कराया जाएगा। लारी आने वाले किसी भी मरीज को परेशानी न हो इसके लिए पूरा प्रयास होगा।
लॉरी में स्ट्रेचर-व्हीलचेयर तक आसानी से नहीं मिल रही
लॉरी में स्ट्रेचर-व्हीलचेयर तक आसानी से नहीं मिल रही
लॉरी में स्ट्रेचर-व्हीलचेयर तक आसानी से नहीं मिल रही