यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) में हुए पीएफ घोटाले में पावर कॉर्पोरेशन के पूर्व एमडी अयोध्या प्रसाद मिश्रा व तत्कालीन निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी और सचिव ट्रस्ट पीके गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) ने जांच तेज कर दी है।
आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा ने तत्कालीन निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी और सचिव ट्रस्ट पीके गुप्ता को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, इसके लिए कोर्ट में अर्जी दी गई है, जिस पर बुधवार को सुनवाई होनी है।
ईओडब्ल्यू के डीजी आरपी सिंह ने बताया कि एपी मिश्रा का आमना-सामना पीके गुप्ता और सुधांशु द्विवेदी से कराया जाएगा। पीके गुप्ता और सुधांशु दोनों ही जेल में हैं। शुरुआती पूछताछ में जो बातें एपी मिश्रा ने बताई उनका मिलान अभिलेखों से किया जा रहा है।
अभिलेखों में छेड़छाड़ के सबूत भी मिले हैं। आरपी सिंह ने बताया कि दिसंबर 2016 तक राष्ट्रीयकृत बैंकों की एफडी में ही पीएफ की धनराशि का निवेश किया जा रहा था। दिसंबर 2016 में पीएनबी हाउसिंग को फंड देने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया, जो नियम खिलाफ था।