उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की दस साल पुरानी बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला दिल्ली में बढ़ती धुंध और प्रदूषण के चलते लिया गया है। दिल्ली के लिए रोजाना कुल 797 बसें दिल्ली जाती हैं। इस बाबत परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) की ओर से दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
इसके मुताबिक प्रदेश भर के बस डिपो को निर्देश दिए गए हैं कि दस वर्ष पुरानी बसों का संचालन मुरादाबाद तक ही किया जाए। दस साल पुरानी बसों में सबसे ज्यादा साधारण बसें हैं, जो लखनऊ सहित प्रदेश के 20 बड़े शहरों से दिल्ली के लिए रोजाना संचालित हो रही हैं। 560 बसें दस वर्ष जबकि 237 बसें दस साल से ज्यादा पुरानी हैं। अब इनकी जगह दो से तीन साल पुरानी बसें ही आनंद विहार बस टर्मिनल व कौशांबी बस अड्डे तक जा सकेंगी।
सबसे ज्यादा पुरानी बसें लखनऊ की
लखनऊ क्षेत्र के सात बस डिपो में तकरीबन 1100 बसें हैं। इनमें साधारण, एसी व अनुबंधित बसें भी शामिल हैं। दस साल पुरानी बसों में सबसे ज्यादा 73 बसें लखनऊ क्षेत्र की हैं। सबसे कम दो बसें गाजियाबाद व तीन बसें आजमगढ़ बस डिपो में है।
दिल्ली में घुसीं पुरानी बसें तो नपेंगे क्षेत्रीय प्रबंधक
दिल्ली में यूपी की दस साल पुरानी बसें प्रवेश नहीं कर सकेंगी। अगर पुरानी बसें दिल्ली एनसीआर गईं तो संबंधित बस डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक नपेंगे।