लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया एक बार फिर संदेह के घेरे में आ गई है। विवि प्रशासन ने लगभग डेढ़ महीने बाद पीजी प्रवेश परीक्षा का परिणाम और मेरिट जारी की। इसमें दो दिन के अंदर बॉटनी, जूलॉजी, मैथ्स की मेरिट बदली गई। लॉ तीन वर्षीय पाठ्यक्रम की तो दो दिन में तीन बार मेरिट बदली गई। इसके बाद प्रवेश प्रक्रिया में छात्रों ने धांधली का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
लविवि ने सितंबर में पीजी प्रवेश परीक्षा कराई थी, लेकिन परिणाम जारी नहीं किया था। परिणाम में हो रही देरी से बहुत से छात्रों ने दूसरे विवि में प्रवेश भी ले लिया। इसी दबाव में विवि ने चार नवंबर को पीजी प्रवेश परीक्षा परिणाम और प्रवेश मेरिट जारी की। प्रवेश की तिथि अभी भी नहीं जारी की गई है।
इसी दिन शाम को सुबह जारी लॉ तीन वर्षीय पाठ्यक्रम की मेरिट बदल दी गई। इसके अगले ही दिन पांच नवंबर को लॉ तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के साथ ही बॉटनी, जूलॉजी, मैथ्स की भी मेरिट बदली गई। बदलाव भी थोड़ा नहीं किया गया। हालत ये है कि लॉ में जो छात्र मेरिट में 1000 रैंक पर था, अचानक वह काफी ऊपर आ गया।
वहीं ऊपर के कई छात्र मेरिट से गायब हो गए। छात्रों का आरोप है कि पहले मेरिट में उनका नाम 200 के अंदर था और कई बार मेरिट सूची जारी होने पर नाम 500 के भी ऊपर पहुंचा दिया गया है। ऐसा बदलाव कई स्टूडेंट्स की मेरिट में हुआ। इसकी जानकारी होने पर छात्रों ने प्रवेश में धांधली का आरोप लगाया है।
प्रवेश समन्वयक पर चहेतों को दाखिला देने का आरोप
छात्रों ने प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा पर सीधा आरोप लगाया है कि उन्होंने चहेतों का दाखिला करने के लिए ये काम किया है। स्टूडेंट्स का कहना है कि कई बार मेरिट सूची में बदलाव करना बताता है कि प्रवेश मेरिट में गड़बड़ी की जा रही है। प्रवेश परीक्षा डेढ़ महीने पहले हुई थी। अभी तक आंसर की चेक क्यों नहीं की गई। इतनी देर से परिणाम जारी किया गया है कि अब कहीं और प्रवेश भी नहीं मिलेगा। वहीं विवि प्रशासन का कहना है कि आंसर की में गड़बड़ी होने के चलते मेरिट सूची में बदलाव किया गया है।
छात्रों ने दी आंदोलन की चेतावनी
लॉ मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर छात्रों व प्रवेश आवेदकों में काफी नाराजगी है। छात्र शनिवार को विवि प्रशासन पर एलएलबी समेत पूरी पीजी प्रवेश परीक्षा में मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही वे प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग करेंगे।
गड़बड़ी जैसा कुछ नहीं
आंसर की में बदलाव करने से लॉ, बॉटनी, जूलॉजी, मैथ के परिणाम में कुछ बदलाव आया है, जिसकी वजह से एडमिशन मेरिट भी बदली है। पहले जारी हुई आंसर की कुछ गलत थी, जिसको संशोधित करके बाद में फिर से जारी किया गया। इसमें गड़बड़ी जैसा कुछ नहीं है। - डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव, प्रवक्ता, लविव