मुजफ्फरनगर व आसपास के जिलों में हुई हिंसा में दर्ज मुकदमों की जांच के लिए स्पेशल सेल का गठन किया गया है।
इस सेल की अगुवाई विशेष जांच शाखा के एसपी केएन मिश्र करेंगे। सेल अपनी जांच रिपोर्ट मेरठ जोन के आईजी या सहारनपुर रेंज के डीआईजी को सौंपेगा।
कुल 106 मामलों की जांच इस सेल के हवाले की गई है। सेल में तैनात 29 जांच अधिकारी मामलों की विवेचना करेंगे।
प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव ने बताया कि इन मामलों की जांच के लिए सेल बनाने का ऐलान पहले ही कर दिया गया था। एसपी मिश्र को इसकी जिम्मेदारी सौंपने के साथ यह सेल अपना काम करने को तैयार हो गया है।
उन्होंने कहा कि जांच की प्रक्रिया में अधिवक्ताओं को भी शामिल करने का विचार है। यह तय किया जाना है कि कौन अधिवक्ता कहां पैरवी करेगा।
कुल 63 अफसर सेल में तैनात
विशेष सचिव गृह एके मिश्रा ने बताया कि अनुभव का विशेष ध्यान रखते हुए जांच के लिए पुलिस इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को लगाने का फैसला किया गया है।
जांच में उप निरीक्षकों को नहीं लगाया गया है। इस सेल में एसपी केएन मिश्र के अलावा दो एएसपी, 30 डीएसपी व 30 इंस्पेक्टरों को तैनात किया गया है। इन सभी को अन्य जिलों व शाखाओं से बुलाया गया है।
एएसपी व डीएसपी करेंगे जांच की निगरानी
जांच की निगरानी की जिम्मेदारी एएसपी व डीएसपी की होगी। जांच में वैज्ञानिक तरीकों का प्रयोग करने को कहा गया है। मुजफ्फरनगर की एएसपी क्राइम कविता सक्सेना इसकी जिम्मेदारी संभालेंगी।
प्रमुख सचिव ने कहा कि विवेचना की पूरी जिम्मेदारी गठित किए गए सेल के अधिकारियों की होगी। स्थानीय पुलिस विवेचना नहीं करेगी। विवेचना में उसकी भूमिका महज सहयोग वाली होगी।