हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की ओर से आयोजित सहायक अभियंता परीक्षा 2019 में गड़बड़ी पर दो सप्ताह में जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन ने यह आदेश उमेश मंगल की याचिका पर दिया। याची की अधिवक्ता नूतन ठाकुर ने अदालत को बताया कि परीक्षा में 200 अंक की लिखित और 25 अंक का इंटरव्यू था, जिसमें अभ्यर्थियों के अंक गोपनीय रखे गए।
आरटीआई से प्राप्त सूचना के अनुसार उमेश मंगल को लिखित परीक्षा में 154.3454 व इंटरव्यू में मात्र 3.1250 अंक मिले जबकि उसका चयन यूपीएससी की इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस में भी हो चुका है। एक अन्य अभ्यर्थी वीरेंद्र कुमार सिंह को लिखित परीक्षा में सर्वाधिक 158.1900 अंक और इंटरव्यू में शून्य अंक दिया गया।
कई अन्य अभ्यर्थियों को भी लिखित में काफी अच्छे अंक के बावजूद इंटरव्यू में काफी कम अंक मिले और उनका चयन बहुत कम अंक से रह गया। याचिका में अदालत से दोबारा इंटरव्यू लेकर परिणाम घोषित करने की प्रार्थना की गई है। मामले में सरकार की तरफ से अपर मुख्य शासकीय अधिवक्ता पीके सिंह तथा यूपीपीसीएल की ओर से अधिवक्ता मनीष जौहरी ने बहस की।